उन्होंने बताया कि फर्रुखनगर क्षेत्र के गांव मांकडोला, चंदू, बुढ़ेड़ा इकबालपुर, कालियावास, झांझरोला-खेड़ा व सुल्तानपुर में लंबे समय से खेतों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं और खेती-किसानी पूरी तरह ठप हो गई है।
जलभराव से प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, दूसरी ओर सरकार की तरफ से केएमपी एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा किसानों से वापस मांगा जा रहा है, जबकि किसान यह राशि कई वर्ष पहले खर्च कर चुके हैं। ऐसे में किसान भारी मानसिक व आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कृषि मंत्री से मांग की कि प्रभावित गांवों के किसानों को जलभराव का उचित मुआवजा दिया जाए और केएमपी एक्सप्रेस-वे की भूमि का मुआवजा किसानों से वापस न लिया जाए।

