न्यायमूर्ति सी हरि शंकर व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने मामले का संज्ञान लिया था। पीठ ने 11 जनवरी को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। इसमें कहा गया था कि दिल्ली में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के बावजूद रैन बसेरा में जगह की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मरीज और उनके परिवार एम्स मेट्रो स्टेशन के बाहर खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इनमें कई लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और बिहार से आए थे, लेकिन उनके पास दिल्ली में किसी भी जगह रहने के लिए पैसे नहीं थे।
दिल्ली: कड़ाके की ठंड में रैन बसेरों की कमी पर दिल्ली HC सख्त
न्यायमूर्ति सी हरि शंकर व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने मामले का संज्ञान लिया था। पीठ ने 11 जनवरी को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। इसमें कहा गया था कि दिल्ली में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के बावजूद रैन बसेरा में जगह की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मरीज और उनके परिवार एम्स मेट्रो स्टेशन के बाहर खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इनमें कई लोग उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और बिहार से आए थे, लेकिन उनके पास दिल्ली में किसी भी जगह रहने के लिए पैसे नहीं थे।

