मुंबई में अवैध ठेलेबाजी की शिकायत हेतु BMC ने व्हाट्सएप सुविधा शुरू की
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई में अवैध ठेलेबाजी की शिकायत के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप सुविधा शुरू की है। यह पहल बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद की गई है, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से शहर की शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाना है।
नागरिक अब BMC के व्हाट्सएप चैटबोट नंबर 8999-22-8999 पर ‘Hawker – Nuisance of Illegal Hawking’ विकल्प चुनकर अवैध ठेलेबाजों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ताओं को अवैध आक्रमण का सटीक स्थान और लाइव फोटो साझा करना होता है, जिससे नागरिक अधिकारियों को शिकायत की पुष्टि कर शीघ्र कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
यह सुविधा हाल ही में लॉन्च किए गए MyBMC MARG (Management and Redressal of Grievances) प्लेटफार्म में शामिल की गई है, जो विभिन्न नागरिक शिकायत सेवाओं को एकीकृत करता है। इससे पहले, नागरिक सड़क की स्थिति, गड्ढे आदि की शिकायतें 1916 हेल्पलाइन, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप चैटबोट के माध्यम से कर सकते थे, लेकिन विभागीय शिकायतें अलग-अलग संभाली जाती थीं।
नगरिक अधिकारियों का मानना है कि इस नए विकल्प से शिकायत प्रक्रिया सरल होगी और वार्ड कार्यालय अवैध ठेलेबाजों की शिकायतों का तेजी से निपटान कर सकेंगे।
QR कोड युक्त पहचान पत्र
BMC ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत सर्वेक्षण किए गए 99,435 ठेलेबाजों में से 47,723 को QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए गए हैं। यह स्मार्ट कार्ड अधिकारियों को अधिकृत एवं अवैध ठेलेबाजों में अंतर समझने और कड़ी कार्रवाई में मदद करेंगे।
इसके साथ ही 13,772 ठेलेबाजों से संपर्क करने के बावजूद वे पहचान पत्र लेने के लिए कार्यालय नहीं आएं, जबकि 2,755 ठेलेबाजों के संपर्क विवरण अनुपलब्ध या अमान्य पाए गए।
BMC के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सिंह ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने पर बिना किसी और आदेश की प्रतीक्षा किए ठेलेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत प्रणाली को लेकर न्यायालय की चिंताएं
व्हाट्सएप सुविधा के बावजूद न्यायालय ने इसकी प्रभावशीलता को लेकर चिंता जताई। एक याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कॉलाबा क्षेत्र में अवैध ठेलेबाजी की शिकायत दर्ज कराने में 40 मिनट से अधिक समय लगा और केवल स्वचालित उत्तर प्राप्त हुए।
न्यायाधीश अजेय एस. गडकरी और कमल आर. खाता ने कहा कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी वाला एआई आधारित चैटबोट शिकायत निवारण में विलंब कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगर एआई चैटबोट वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख के बिना प्रतिक्रिया दे रहा है, तो शिकायत दर्ज होने में घंटों लगेंगे। मुंबई जैसे शहर में समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा होना उचित नहीं।”
न्यायालय के लिए पैरवी कर रहे एडवोकेट जामशेद मिस्री ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार एक समर्पित शिकायत निवारण समिति स्थापित करे जिससे शिकायतों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित हो सके।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चैटबोट प्रक्रिया को आसान करने के बजाय बाधित बना चुका है, क्योंकि यह स्वचालित उत्तरों पर अधिक निर्भर है और वरिष्ठ अधिकारियों की समयबद्ध हस्तक्षेप नहीं सुनिश्चित कर रहा है, जैसा कि न्यायालय ने पहले निर्देश दिया था।
ठेलेबाजों के लाइसेंस सत्यापन की समीक्षा
BMC ने न्यायालय को भरोसा दिलाया कि वह उन ठेलेबाजों की पहचान की खुराक की जांच करेगा जिन्होंने गलत दस्तावेजों के जरिए या अनुचित लाइसेंस हस्तांतरण से पहचान पत्र प्राप्त किए हैं।
वर्तमान में उच्च न्यायालय कई याचिकाएं सुन रहा है, जो सड़क पर ठेलेबाजी के नियमों के सख्त पालन और अवैध ठेलेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अनुरोध करती हैं।
न्यायालय के निर्देशों का पृष्ठभूमि
6 मई को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार और BMC को निर्देश दिया था कि वे 99,435 ठेलेबाजों को 5 सप्ताह के भीतर QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी करें। न्यायालय ने एक ऑनलाइन पोर्टल एवं बोर्ड पर्यवेक्षण वाली व्हाट्सएप शिकायत प्रणाली स्थापित करने को भी कहा।
यह आदेश स्पष्ट था कि पहचान पत्र जारी करना ठेलेबाज की वैधता निर्धारित नहीं करेगा। यह स्थिति बाद में applicable कानूनों के अनुसार टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के गठन के पश्चात निर्धारित होगी।
10 जून को न्यायालय ने BMC को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त तीन सप्ताह दिए।
BMC ने बताया कि उसने नागरिकों को अवैध ठेलेबाजी की शिकायत करने के लिए अपने ई-पोर्टल, ईमेल, और व्हाट्सएप नंबर का व्यापक प्रचार किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित है।