वहीं, वर्ष 2025 से अब तक लगभग 715 खिलाड़ियों को उनका डाइट भत्ता नसीब नहीं हुआ है। मुख्यालय में करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। नियमानुसार, 8-14 वर्ष के बच्चों को 1500 रुपये और 15-19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक राशि मिलती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश का खेल बजट चार गुना बढ़ने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे संतुलित आहार को तरस रहे हैं। पोषक तत्व न मिलने के कारण उनके शारीरिक विकास और खेल प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति खेल नर्सरी योजना की वर्तमान बदहाली और उभरते खिलाड़ियों के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है।
गुरुग्राम: जिले की सभी खेल नर्सरियां 31 जनवरी से दो महीने के लिए होंगी बंद
वहीं, वर्ष 2025 से अब तक लगभग 715 खिलाड़ियों को उनका डाइट भत्ता नसीब नहीं हुआ है। मुख्यालय में करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। नियमानुसार, 8-14 वर्ष के बच्चों को 1500 रुपये और 15-19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक राशि मिलती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश का खेल बजट चार गुना बढ़ने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे संतुलित आहार को तरस रहे हैं। पोषक तत्व न मिलने के कारण उनके शारीरिक विकास और खेल प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति खेल नर्सरी योजना की वर्तमान बदहाली और उभरते खिलाड़ियों के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है।

