इंदौर की घटना का दोहराव औद्योगिक नगरी में न हो। इसके लिए नगर निगम अब बूस्टर से ढाई लाख घरों में सप्लाई होने वाले पानी के मानक तैयार करेगा। इसके लिए एसओपी (मानक संचालक प्रक्रिया) बनाई जाएगी।
प्रत्येक बूस्टर से सैंपल लेकर लैब में करवाना होगा चेक
तीन दिन के भीतर एसओपी तैयार करने के लिए दो कार्यकारी अभियंताओं हरीश कुमार और डाल चंद को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कार्यकारी अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि बूस्टर से सप्लाई होने वाले पानी में इन्हीं मानक का पालन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यकारी अभियंता हर सप्ताह बूस्टर पर जाकर पानी की गुणवत्ता चेक करने के लिए सैंपल लेकर लैब में भेजेगा।
22 रेनीवेल और 1723 ट्यूबवेल से पानी किया जाता है सप्लाई
शहर में फरीदाबाद महानगर प्राधिकरण और नगर निगम पर पानी आपूर्ति की जिम्मेदारी है। एफएमडीए 22 रेनीवेल और 1723 ट्यूबवेल से पानी सप्लाई करता है। यह पानी निगम के 69 बूस्टर में भेजा जाता है।
फिर बूस्टर से पानी की आपूर्ति लोगों के घरों में होती है। अभी निगम के पास बूस्टर पर पानी की गुणवत्ता को चेक करने के लिए कोई मापदंड नहीं है। बिना जांच के ही लोगों को पानी सप्लाई कर दिया जाता है। जिससे एलर्जी, पेट, उल्टी दस्त जैसी समस्याएं सामने आती है।