बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव के लिए आज सुबह मतदान शुरू हुआ, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर व्यवस्थागत खामियों ने मतदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। मुंबई के विभिन्न पोलिंग स्टेशनों पर वोटर डिटेल्स में गड़बड़ी और वोटर स्लिप्स की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि कई मतदाता लाइन में लगने के बावजूद वोट डाले बिना ही वापस लौटने को मजबूर हो गए।
मतदाताओं ने प्रशासन पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें मतदान का अधिकार नहीं मिल सका। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि ऑनलाइन उपलब्ध वोटर जानकारी और मतदान केंद्र पर मौजूद रिकॉर्ड में मेल नहीं था, जिसके कारण वह वोट नहीं डाल पाए। उन्होंने कहा, “इंटरनेट पर दिखाया गया नंबर यहां मौजूद रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा। यह पूरी तरह प्रशासनिक चूक है। इतनी देर लाइन में खड़े रहने के बाद भी मुझे बिना वोट किए लौटना पड़ा।”
मुंबई ही नहीं, बल्कि नवी मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। कई लोगों ने बताया कि एक ही इमारत में रहने वाले परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों में दर्ज मिले, जिससे भ्रम और गुस्सा दोनों बढ़े।
नवी मुंबई में तो स्थिति इतनी अव्यवस्थित रही कि राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक को भी अपना नाम वोटर लिस्ट में खोजने के लिए करीब एक घंटे तक भटकना पड़ा। इन घटनाओं ने नगर निगम चुनावों की तैयारियों और मतदाता प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।