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ग्रेटर नोएडा: ओडिशा से गांजा लाकर एनसीआर के छात्रों में करते थे सप्लाई

नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने ओडिशा से गांजा लाकर एनसीआर में छात्रों को सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन और ऑफलाइन गांजे की सप्लाई करते थे। गिरोह आठ साल से सक्रिय था। आरोपियों से 102.4 किलो गांजा बरामद हुआ है जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। आरोपी व्हॉट्सएप ग्रुप में ऑर्डर लेते थे।
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि बुधवार को एक्सपो मार्ट के पास नाले के किनारे वाली सड़क पर घेराबंदी कर रिंकू यादव (32), संजीव साहू (32) और अभिषेक कुमार (23) को दबोचा गया। रिंकू मूल रूप से मैनपुरी का रहने वाला है और नोएडा के मामूरा में रह रहा था। बदायूं का संजीव गाजियाबाद के राहुल विहार में किराये पर रह रहा था। अभिषेक कुमार बिहार के बेगूसराय का निवासी है और सेक्टर-70, नोएडा में किराये के मकान में रह रहा था। आरोपियों से किराये पर ली गई कॉमर्शियल कार भी बरामद हुई है।
सप्लाई के लिए किराये पर लेते थे टैक्सी
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ओडिशा से ट्रक किराये पर लेकर गांजा लाते थे और रास्ते में पुलिस व सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए अनजान और ग्रामीण रास्तों से एनसीआर पहुंचते थे। ट्रक से उतारने के बाद गांजा किराये के मकानों में छिपाते थे और दिनभर के लिए टैक्सी किराये पर लेकर उससे अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे। ओडिशा से करीब 4 से 5 हजार रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदते थे और एनसीआर में इसे 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो तक में बेचते थे।

पहले भी जेल जा चुका है सरगना
रिंकू यादव गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ पहले से ही थाना फेस-3 और थाना एक्सप्रेसवे में एनडीपीएस एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत तीन एफआईआर दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। संजीव के खिलाफ भी थाना सेक्टर-63 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। अभिषेक के खिलाफ थाना फेस-3 में एनडीपीएस एक्ट का मामला चल रहा है। पुलिस अब तीनों के आपराधिक नेटवर्क, सप्लायरों और खरीदारों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

छात्रों को करते थे सप्लाई
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे कॉलेज, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अवैध रूप से गांजा सप्लाई करते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस को गांजा तस्करी करने वाले गैंग के कुछ अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस आरोपियों के मोबाइल में मिली चैट और सीडीआर के माध्यम से मामले की जांच कर रही है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )