जांच करने पर पता चला कि यह कब्जा श्याम चरण मिश्रा और विजय यादव की मिलीभगत से कराया गया है। पीड़िता ने दोनों से संपर्क कर अपना प्लॉट सौंपने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया और धमकी दी कि अब उसे कोई प्लॉट नहीं मिलेगा। दोनों ने झूठे आश्वासन देकर और गुमराह कर मीरा से पैसे ले लिए फिर प्लॉट पर अवैध कब्जा कराकर धोखाधड़ी की। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है
ग्रेटर नोएडा: प्लॉट बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी का मामला
जांच करने पर पता चला कि यह कब्जा श्याम चरण मिश्रा और विजय यादव की मिलीभगत से कराया गया है। पीड़िता ने दोनों से संपर्क कर अपना प्लॉट सौंपने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया और धमकी दी कि अब उसे कोई प्लॉट नहीं मिलेगा। दोनों ने झूठे आश्वासन देकर और गुमराह कर मीरा से पैसे ले लिए फिर प्लॉट पर अवैध कब्जा कराकर धोखाधड़ी की। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है

