गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी के मेरठ से लेकर प्रयागराज तक सीधा और तेज संपर्क देगा। 594 किलोमीटर लंबा यह सफर अब महज 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ के बिजौली इलाके से की गई है, जबकि खड़खड़ी में टोल प्लाजा बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि, कई हिस्सों में सर्विस रोड का काम अभी बाकी है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
इस परियोजना के चलते मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों में किसानों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। जमीन की कीमतों में इजाफा हुआ है और रोजगार के नए अवसर भी सामने आए हैं।
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। इसके पूरा होते ही गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ निवेशकों को आकर्षित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। सुरक्षा के लिहाज से हाई-पावर कैमरे, स्ट्रीट लाइट्स और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। आपात स्थिति में यहां विमान उतारने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जनता को मिला एक बड़ा तोहफा है। अब सभी को इसके औपचारिक उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार है।