राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को सांसद दुष्यंत सिंह की तीन दिवसीय जनसंवाद पदयात्रा का शुभारंभ करते हुए अपने संघर्षपूर्ण अनुभव साझा किए। उन्होंने शेर पढ़ते हुए कहा कि वह जीवन भर दुआओं के सहारे चलती रहीं और पैरों के छाले भी कभी उनकी राह में बाधा नहीं बने। राजे ने याद किया कि सांसद रहते हुए पदयात्राओं के दौरान छाले पड़ने पर भी वह रुकती नहीं थीं और आगे बढ़ती रहीं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा क्षेत्र के विकास, प्रगति और जनता के भरोसे से जुड़ी है। राजे ने नेताओं की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई लोग सिर्फ चुनाव के वक्त जनता के बीच आते हैं, जबकि वे अपने क्षेत्र को परिवार मानते हैं और यहां के लोगों को केवल मतदाता नहीं, बल्कि भाग्य निर्माता समझते हैं।
सभा को संबोधित करने के बाद वसुंधरा राजे ने उन्हेंल नागेश्वर और चौमहला मंडल में पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनों के लिए, अपनों के साथ और अपनों द्वारा निकाली गई यात्रा है—जिसका उद्देश्य जनता से सीधा संवाद, उनकी आवाज सुनना और समस्याओं का समाधान करना है।
यात्रा से पहले राजे ने भगवान पार्श्वनाथ की पूजा-अर्चना की और तीर्थ पेढ़ी पर विराजित साधु-साध्वियों से आशीर्वाद लिया। यात्रा उन्हेंल नागेश्वर से शुरू होकर धर्मपुरी, कुमठिया, रामगढ़ चायडा होते हुए मगसी पहुंची, जहां रात्रि चौपाल आयोजित हुई। आगे यह मगसी से सरवर, कचनारा चोरबर्डी, सेकला, ढाबला और सुनारी होते हुए रापाखेड़ी में संपन्न होगी।
कार्यक्रम में आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, विधायक गोविंद रानीपुरिया सहित बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।