मामले में योगेश गुप्ता ने मार्च 2020 में 3 करोड़ रुपये की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। उन्होंने पॉलिसी की पहली किस्त के रूप में 30 लाख रुपये जमा किए। कंपनी ने उनके मेडिकल टेस्ट भी करवाए, जिसमें कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई। उनके एचबीए1सी लेवल 5.6 फीसदी, जो सामान्य था और डायबिटीज का कोई संकेत नहीं था। पॉलिसी अप्रैल 2020 में जारी हुई। अप्रैल 2021 में योगेश कोविड-19 से संक्रमित हो गए और दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती हुए। हालत गंभीर होने के चलते 8 मई 2021 को हो गई थी योगेश की मौत
इसी कड़ी में उनकी हालत गंभीर हो गई और 8 मई 2021 को उनकी मौत हो गई। अस्पताल की रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण गंभीर कोविड निमोनिया बताया गया जबकि डायबिटीज और हाइपोथायरॉइडिज्म के बारे में भी जिक्र था। योगेश की पत्नी कविता गुप्ता और उनके दो बच्चे बेटी रिचा और बेटा वरुण ने मई 2021 में क्लेम दाखिल किया, लेकिन कंपनी ने इसे खारिज कर दिया। कंपनी का तर्क था कि योगेश ने पॉलिसी लेने के समय अपनी डायबिटीज छुपाई थी। परिवार ने फरवरी 2022 में दिल्ली उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करवाई।

