दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने उपभोक्ताओं को गलत और अस्थायी बिजली बिलों से राहत दिलाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा विद्युत आपूर्ति संहिता विनियम 2014 के तहत अब कोई भी अस्थायी बिल अधिकतम दो बिलिंग चक्रों से अधिक नहीं खींचा जा सकेगा। अगले 4 महीनों के भीतर उन सभी मामलों का समाधान किया जाएगा जहां बिल तीन या अधिक चक्रों से अस्थायी श्रेणी में हैं। मीटर रीडिंग एजेंसी या कर्मचारियों की लापरवाही मिलने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने और दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईटी सिस्टम में एक नया ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया जाएगा, जिससे बिलिंग प्रक्रिया की रियल-टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी। प्रभावित उपभोक्ताओं को बिल किस्तों में भरने, ब्याज माफी और अतिरिक्त राशि के समायोजन की सुविधा दी जाएगी