शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी फैक्टरी संचालक को हिरासत में लिया है। साथ ही फैक्टरी सील कर दी है और दूषित पानी जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, एक भेड़ के शव को दनकौर कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। राजस्थान निवासी बाला सिंह परिवार के साथ भेड़ पालन का कार्य करते हैं। सोमवार दोपहर बाद वह अपनी भेड़ों को चराने के लिए दनकौर कोतवाली क्षेत्र के महमदपुर गुर्जर गांव के नजदीक पहुंचे। इसी दौरान पास में स्थित फैक्टरी के बाहर पानी एकत्रित था। इस फैक्टरी में एल्युमिनियम व वाहनों के उपकरण केमिकल से गलाए जाते हैं। चराई के दौरान भेड़ों ने उस पानी को पी लिया। कुछ ही देर में भेड़ों की हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते 25 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई। अन्य भेड़ें भी मौके पर ही तड़पने लगीं, जिनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सकों को बुलाकर भेड़ों का इलाज शुरू कराया। पशु चिकित्सकों की टीम गंभीर रूप से बीमार लगभग 50 से अधिक भेड़ों का उपचार कर रही है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और फैक्ट्री से निकलने वाले पानी की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़ित बाला सिंह ने आरोप लगाया कि फैक्टरी से निकलने वाला पानी अत्यधिक जहरीला था, जिसकी वजह से उनकी भेड़ों की जान गई है। उन्होंने प्रशासन से दोषी फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
3 वर्ष से गांव के पानी में जहर उगल रही फैक्टरी
महमदपुर गुर्जर गांव में चल रही एल्युमिनियम व वाहनों के उपकरण केमिकल से गलाने वाली फैक्टरी पिछले 3 साल से गांव के पानी को दूषित कर जहर फैला रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का पानी दूषित होने से लगातार कैंसर जैसी भयंकर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। कई ग्रामीण कैंसर से जान गंवा चुके हैं। कुछ माह पहले ग्रामीणों की शिकायत पर गांव के पानी की हुई विभागीय जांच में पानी दूषित मिला था, जिससे ग्रामीण आरओ का पानी पीने लगे हैं।

