बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं, जिनमें बीजेपी को 89 और शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। दोनों दल मिलकर बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि महायुति में मेयर पद को लेकर सहमति बनने से पहले ही शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया था। पार्टी की ओर से कहा गया कि पार्षदों के लिए ओरिएंटेशन वर्कशॉप आयोजित की गई थी, इसी कारण उन्हें होटल में रखा गया।
इस बीच शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी मेयर पद अपने खाते में चाहती है। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है और शिवसैनिकों की इच्छा है कि इसी अवसर पर बीएमसी में शिवसेना का मेयर बने।
शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि बीएमसी चुनाव बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर लड़ा था और जिन नगर निगमों में दोनों दल साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं, वहां महायुति का ही मेयर चुना जाएगा। अब बीएमसी मेयर को लेकर अंतिम फैसला दिल्ली में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बीजेपी और शिंदे गुट के कई नेता दिल्ली रवाना हो गए, जिनमें सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम और शिवसेना नेता राहुल शेवाले शामिल हैं।

