कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में हाईस्कूल की एक छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि वह बोर्ड परीक्षा को लेकर तनाव में थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से बेकनगंज के रहने वाले फुरकान पिछले करीब 20 साल से जाजमऊ के बुढ़िया घाट इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे हैं। परिवार में पत्नी रोशनी बानो, बड़ी बेटी हिना और 16 वर्षीय छोटी बेटी इकरा बानो शामिल थीं। फुरकान कबाड़ का काम करते हैं। इकरा हाईस्कूल की छात्रा थी और घर पर ही बड़ी बहन से पढ़ाई करती थी।
फुरकान के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से इकरा बोर्ड परीक्षा को लेकर तनाव में थी। उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था। गुरुवार शाम जब वह घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। उस समय उनकी पत्नी और बड़ी बेटी बाजार गई थीं। खिड़की से झांकने पर इकरा पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी नजर आई।
आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और इकरा को तुरंत कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जाजमऊ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने परीक्षा के तनाव की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, बर्रा क्षेत्र के विश्वबैंक एच ब्लॉक में 45 वर्षीय मनोज कुमार बाजपेई उर्फ पिंटू ने भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी मोनिका का दो वर्ष पहले हार्ट अटैक से निधन हो चुका था। वह माता-पिता के साथ रहते थे और ट्रैवल्स का व्यवसाय करते थे।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार रात वह गाड़ी से घर लौटे थे और देर होने के कारण कार में ही सो गए। सुबह करीब पांच बजे वह घर के अंदर गए और कुछ देर बाद भूतल पर बने कमरे में फंदा लगा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।