एन.एम. जोशी मार्ग स्थित BDD चॉल के निवासियों ने रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत पुनर्वासित इमारतों में प्रत्येक घर को एक पार्किंग देने की मांग उठाई थी। इस संबंध में राज्य सरकार और म्हाडा (MHADA) से औपचारिक अनुरोध भी किया गया, लेकिन अब म्हाडा के मुंबई बोर्ड ने इसे असंभव बताते हुए खारिज कर दिया है। इस फैसले की सूचना पत्र के जरिए रहवासियों को दी गई, जिसके बाद असंतोष बढ़ गया है।
मुंबई बोर्ड वर्ली, एन.एम. जोशी मार्ग और नायगांव की BDD चॉलों का पुनर्विकास कर रहा है। परियोजना के तहत नई इमारतों का निर्माण जारी है और पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। बीएमसी नियमों के अनुसार, हर चार फ्लैट पर एक पार्किंग अनिवार्य है। बढ़ती जरूरत को देखते हुए मुंबई बोर्ड ने हर दो घरों पर एक पार्किंग देने का निर्णय लिया है, जिसे पूरे प्रोजेक्ट में लागू किया जा रहा है।
हालांकि, वर्ली BDD रीडेवलपमेंट को विशेष परियोजना मानते हुए वहां प्रत्येक घर को एक पार्किंग दी गई है। इसी अंतर को लेकर एन.एम. जोशी मार्ग और नायगांव के रहवासी असंतुष्ट हैं और समान सुविधा की मांग कर रहे थे।
म्हाडा का कहना है कि एन.एम. जोशी मार्ग की पुनर्वासित इमारतों का ग्राउंड फ्लोर निर्माण पूरा हो चुका है, इसलिए संरचनात्मक बदलाव संभव नहीं हैं। साथ ही, स्वीकृत लेआउट और वित्तीय सीमाओं का हवाला देते हुए बोर्ड ने मांग को अस्वीकार किया है।
इस निर्णय से नाराज रहवासियों का कहना है कि पार्किंग आज के समय की बुनियादी जरूरत है और सीमित स्थान भविष्य में समस्याएं खड़ी कर सकता है। हालांकि मौजूदा ढांचे में बदलाव कठिन माना जा रहा है, लेकिन लोगों ने अलग पार्किंग भवन बनाने या बिक्री वाली इमारतों में पार्किंग आवंटित करने जैसे वैकल्पिक सुझाव भी दिए हैं।
एन.एम. जोशी मार्ग BDD रीडेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष कृष्णकांत नलगे ने बताया कि अब इस मुद्दे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखा जाएगा और जल्द बैठक की उम्मीद है।