सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप यूजर के डेटा शेयरिंग पर मेटा को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम यूजर्स की जानकारी का व्यवसायिक इस्तेमाल नहीं होने देंगे. यह कोर्ट आम लोगों के लिए है. अरबों-करोड़ों की किसी इंटरनेशनल कंपनी के लिए नहीं है. नागरिकों की प्राइवेसी मौलिक अधिकार है.’ CJI सूर्यकांत ने मेटा से कड़े लहजे में पूछा, ‘आप डेटाशेयरिंग के लिए तैयार न होने वाले यूजर को ऑप्ट आउट (किसी चीज में भाग न लेना) का विकल्प देंगे.
लेकिन क्या सड़क किनारे फल बेचने वाली महिला आपकी शर्तों को समझ सकती है? यूजर्स को ऐसे ऐप्स की लत लगा दी गई है और अब मजबूरी का गलत फायदा उठाया जा रहा है. अगर आप भारत के नियमों का पालन नहीं कर सकते तो यहां काम मत कीजिए.’