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गुरुग्राम: पांच बच्चों के साथ बंधक बनाकर की बर्बता, मां की मिन्नतों पर छोड़ा

डीएलएफ फेज-तीन में सोमवार को निर्माणाधीन भवन से सिर्फ सरिया चोरी के शक में पांच बच्चों के साथ हैवानियत की गई। बच्चों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। सिर्फ इतना ही नहीं आरोपियों ने उनके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला और चम्मच को गर्म करके उनके शरीर पर लगाया। एक बच्चे की मां बेटे को ढूंढते हुए मौके तक पहुंची। मां की मिन्नतों पर आरोपियों ने बच्चों को छोड़ दिया। मां की शिकायत पर डीएलएफ फेज-तीन थाना पुलिस ने पॉक्सो की धाराओं समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान नाथूपुर निवासी हरेंद्र और उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ निवासी फिरोज के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को नामजद किया है।

मंगलवार को बिहार निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक स्कूल में काम करती है। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार को वह काम करके वापस आई तो उनका 12 वर्षीय बेटा घर पर नहीं था। उन्होंने बेटे की तलाश शुरू की तो एक महिला ने बताया उसके भी दो बच्चे लापता हैं। दोनों महिलाओं ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली है कि एक पीजी में कुछ युवक तीन-चार बच्चों को कमरे में बंद करके मारपीट कर रहे हैं। जब वह मौके पर पहुंची तो वहां पर चार बच्चों को बंधक बना रखा था। दोनों महिलाएं बच्चों को छोड़ने के लिए मिन्नत करने लगी तो युवकों ने गाली-गलौज करनी शुरू कर दी है। कुछ देर बाद युवकों ने बच्चों को छोड़ दिया। मां ने जब बच्चों से घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने अपने साथ बीती आपबीती रो-रोकर बतानी शुरू की है।
चम्मच गर्म करके शरीर पर लगाई
दर्ज हुए मामले के अनुसार, आरोप है कि बच्चों के साथ मारपीट करने के बाद उनके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला गया। चम्मच को गर्म करके उनके शरीर पर लगाया गया। गिरफ्तार हुए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि आरोपी फिरोज बर्तनों की दुकान करता है और आरोपी हरेंद्र की आटा-चक्की की दुकान है। वह किराये के मकान में रहते हैं। उनके अन्य साथी पीजी का कार्य करता है और उसका बिल्डिंग के निर्माण का कार्य चल रहा है। वह उसी निर्माण कार्य वाले स्थल के पास बैठकर हुक्का पीते हैं। आरोपियों को वहां पर पता चला कि वह भवन से कोई कबाड़ी सरिया के साथ ही अन्य सामान चोरी करता है। इस शक में उन्होंने वहीं पर खेल रहे पांच बच्चों को आरोपियों न पकड़ लिया और पीजी में ले गए। वहां पर लेकर बच्चों के साथ बर्बरता की गई।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )