- 10 सेकंड का चैलेंज: अब पेमेंट अटकने का झंझट खत्म! यूपीआई ट्रांजैक्शन और बैंक रिस्पॉन्स को अधिकतम 10 सेकंड के भीतर पूरा करना होगा।
- बैलेंस चेक पर लगाम: अब आप दिन भर में केवल 50 बार ही अपना बैंक बैलेंस चेक कर पाएंगे। बार-बार बैलेंस देखने की आदत पर अब ब्रेक लगेगा।
- ट्रांजैक्शन स्टेटस: एक ही पेमेंट के लिए आप केवल 3 बार स्टेटस चेक कर सकेंगे, और हर बार के बीच 90 सेकंड का गैप जरूरी है।
- नए यूजर्स के लिए सुरक्षा: अगर आप नया यूपीआई रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो पहले 24 घंटों में केवल ₹5,000 तक का ही लेनदेन कर पाएंगे।
- सामान्य पेमेंट: रोजाना ₹1 लाख तक का लेनदेन (अधिकतम 20 बार)।
- अस्पताल और पढ़ाई: कॉलेज फीस और मेडिकल बिल के लिए ₹5 लाख तक की बड़ी सीमा।
- इंश्योरेंस: बीमा और कैपिटल मार्केट के लिए ₹10 लाख तक की लिमिट तय की गई है।
इन नियमों का मकसद आपके पैसों को सुरक्षित रखना और सिस्टम की रफ्तार को बढ़ाना है। अब ‘पेमेंट पेंडिंग’ वाली समस्या बीते ज़माने की बात हो जाएगी।

