यह कदम खाली जगहों पर गंदे पानी को डाले जाने की लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद लिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि सभी सोसाइटियों को अपने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि एसटीपी सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं और तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। सोसाइटियों को एसटीपी के पीएच स्तर और बीओडी जैसे मानकों की जानकारी भी देनी होगी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि उपचारित पानी का उपयोग कहां किया जा रहा है। निगम की तरफ से इस घटना को लेकर टीम गठित की गई है। यदि कोई सोसाइटी समय पर जानकारी नहीं देती है तो नगर निगम की टीम मौके पर वहा जाकर जांच करेगी। इसके बाद संबंधित डेवलपर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को नोटिस जारी किया जाएगा। नगर निगम की तरफ से यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है, हाल ही में सेक्टर 77, 78, 79, 80 और 82 में टैंकरों के जरिए खाली जमीन पर बिना उपचार किया गया गंदा पानी डाले जाने की शिकायतें सामने आई थी। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है। नगर निगम ने साफ कहा है कि नियमों का पालन न करने वाली सोसाइटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी एक आवासीय सोसाइटी को एसटीपी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिया जा चुका है।
गुरुग्राम: 74 सोसाइटियों की सीवेज व्यवस्था की जांच करेगा नगर निगम
यह कदम खाली जगहों पर गंदे पानी को डाले जाने की लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद लिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि सभी सोसाइटियों को अपने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि एसटीपी सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं और तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। सोसाइटियों को एसटीपी के पीएच स्तर और बीओडी जैसे मानकों की जानकारी भी देनी होगी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि उपचारित पानी का उपयोग कहां किया जा रहा है। निगम की तरफ से इस घटना को लेकर टीम गठित की गई है। यदि कोई सोसाइटी समय पर जानकारी नहीं देती है तो नगर निगम की टीम मौके पर वहा जाकर जांच करेगी। इसके बाद संबंधित डेवलपर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को नोटिस जारी किया जाएगा। नगर निगम की तरफ से यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है, हाल ही में सेक्टर 77, 78, 79, 80 और 82 में टैंकरों के जरिए खाली जमीन पर बिना उपचार किया गया गंदा पानी डाले जाने की शिकायतें सामने आई थी। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है। नगर निगम ने साफ कहा है कि नियमों का पालन न करने वाली सोसाइटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी एक आवासीय सोसाइटी को एसटीपी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिया जा चुका है।

