7 क्रिकेट स्टेडियम ने भूजल अनुपालन रिपोर्ट नहीं दी, NGT को दी गई जानकारी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को सूचित किया गया है कि सात प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों ने अब तक भूजल संरक्षण और अनुपालन संबंधी आवश्यक डेटा साझा नहीं किया है। इस मामले ने पर्यावरण संरक्षण और नियमों के पालन में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, ये स्टेडियम स्मृतिपथ के तहत भूजल उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखने और नियमों का पालन करने लिए आवश्यक आंकड़े साझा करने में असफल रहे हैं। NGT ने सभी संबंधित प्राधिकरणों को डेटा प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है ताकि जल संसाधनों के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा सके।
इस प्रक्रिया में यह भी ध्यान दिया गया है कि खेल सुविधाएं विकसित करते समय पर्यावरणीय नियमों का कठोर पालन बेहद आवश्यक है। भूजल की स्थिति और उसकी उपयोगिता पर निगरानी लगातार करना आवश्यक माना जाता है ताकि जल संसाधनों को अनियमित और अत्यधिक उपयोग से बचाया जा सके।
NGT ने इन स्टेडियमों से कहा है कि वे जल संरक्षण के दायरे में अपनी जिम्मेवारी को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक डेटा उपलब्ध कराएं। यदि आवश्यक होगा तो पर्यावरणीय प्रभावों की आकलन प्रक्रिया में शीघ्र कदम उठाने की भी मांग की गई है।
विभिन्न अधिकारियों का यह भी मानना है कि खेल क्षेत्र में निरंतर विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सामंजस्य स्थापित किए बिना स्थायी विकास संभव नहीं है। इसलिए नियमों का पालन और पारदर्शिता सभी खेल संरचनाओं में अनिवार्य होनी चाहिए।