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भारत को पराग उड़ाने वाले जीवों के अस्तित्वगत खतरे से अंधता

Byadmin

Apr 17, 2026
India blind as bat to winged creatures’ existential threat

परागण करने वाले जीवों के संकट पर भारत की सरकार और समाज की उपेक्षा

परागण में मुख्य भूमिका निभाने वाले जीवों को लेकर भारत में बढ़ते संकट को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। परागण जीव जैसे मधुमक्खियाँ, तितलियाँ व अन्य कीट प्राकृतिक पारिस्थितिकी और खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। परन्तु, इनके अस्तित्व को गंभीर खतरे का सामना है, जो संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैव विविधता पर मानव की गतिविधियाँ जैसे कि कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग, आवासों का विनाश और जलवायु परिवर्तन परागण जीवों के लिए खतरा बन गए हैं। इससे न केवल कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है बल्कि प्राकृतिक प्रजनन चक्रों में भी विकृति आ रही है।

सरकारी नीतियों में परागण जीवों के महत्व को उपेक्षित किए जाने के कारण, इनके संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए अब तक प्रभावी रणनीतियाँ नहीं बन पाई हैं। किसानों और आम जनता को इस समस्या के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वे कीटनाशकों का सीमित और जिम्मेदार प्रयोग कर सकें। साथ ही, प्राकृतिक आवासों की रक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।

देश में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के प्रयासों को मौलिक रूप से बढ़ाना होगा, ताकि परागण जीवों की संख्या में गिरावट को रोका जा सके। यह न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि भारतीय कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)