संदिग्धों से रिमोट कंट्रोल बम बनाने का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के बताया कि ये सभी युवक कट्टरपंथी सोच से प्रभावित थे और नफरत करने के मकसद से काम कर रहे थे। ये खिलाफत की विचारधारा से प्रेरित थे और इसी मकसद से ”गज़वा-ए-हिंद” की तैयारी कर रहे थे। इतना ही नहीं ये गजवा-ए-हिंद जैसे खतरनाक विचारों को बढ़ावा दे रहे थे और इसके लिए दूसरों को भी उकसा रहे थे। ये लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होना चाहते थे। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों का मानना था कि खुरासान से काले झंडे वाली एक सेना (लश्कर) उभरेगी, जो भारतीय उपमहाद्वीप और उससे आगे खिलाफत स्थापित करेगी। ये दूसरों को कट्टरपंथी बनाने के साथ-साथ, ”गज़वा-ए-हिंद” में हिस्सा लेने के लिए इस लश्कर में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। क्लोज्ड ग्रुप में जुड़े थे सभी
आरोपी सोशल मीडिया के क्लोज्ड ग्रुप में जुड़े हुए थे, जहां आतंकी विचारधारा, जिहाद और हथियारों की बात होती थी। इन ग्रुप के जरिए ये लोग नए लोगों को जोड़ने और उन्हें भड़काने का काम कर रहे थे। इनमें से दो आरोपी मिलकर एक रिमोट कंट्रोल आईईडी (बम) बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए जरूरी सामान जैसे बॉल बेयरिंग, कील, खिलौना कार आदि जुटाए जा चुके थे। इंस्पेक्टर विनय पाल व अरविंद की टीम की जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में दिल्ली आकर लाल किला और इंडिया गेट जैसी महत्वपूर्ण जगहों की रेकी (जांच) की थी। उसने सोशल मीडिया पर लाल किले की फोटो के साथ आपत्तिजनक पोस्ट भी शेयर की थी, ताकि लोगों को भड़काया जा सके।

