एम. स्वराज ने ‘आईयूएमएल की जमात फेक्शन’ द्वारा फैलाए जा रहे गलत समाचारों पर जताई आपत्ति
केरल के पूर्व विधायक एम. स्वराज ने एक लंबी अवधि से चल रहे अभियान को लेकर अपनी निंदा की है, जिसमें उन्हें गलत तरीके से ‘हिन्दू साम्प्रदायिक’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े दक्षिणपंथी कार्यकर्ता प्रतिश विश्वनाथ से कभी मुलाकात नहीं की।
स्वराज ने अपने बयान में कहा कि आईयूएमएल की जमात गुट उनकी छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैला रहा है। उन्होंने इस अभियान को उनकी राजनीतिक छवि पर हमला बताया और उचित कानूनी कदम उठाने की योजना की सूचना दी।
यह विवाद पिछले कुछ समय से देखने को मिल रहा है, जहां राजनीतिक विरोधियों द्वारा सोशल मीडिया का उपयोग कर विभिन्न तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं। स्वराज ने सभी से आग्रह किया है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्य के आधार पर ही किसी भी सूचना को स्वीकारें।
एम. स्वराज के इस बयान से पूर्व राजनीतिक दलों और समुदायों के बीच मौजूद तनाव की स्थिति में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद की जा रही है। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू होने पर स्थिति और भी स्पष्ट हो सकती है।
सारांश रूप में, एम. स्वराज ने एक बार फिर से अपने खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे प्रचार की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक विरोधियों की रची गई साजिश करार दिया है। इस प्रकार के विवाद सामाजिक सामंजस्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं, जिसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही पक्षों से संयम की आवश्यकता है।