नोएडा में साइबर ठगों ने 84 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 85 लाख रुपये ठग लिए. फर्जी CBI और पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उन्हें लगातार धमकाया.
ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट करके करीब 85 लाख रुपये ठग लिए. यह घटना नोएडा के सेक्टर-51 स्थित केंद्रीय विहार इलाके में हुई है. पीड़ित बुजुर्ग का नाम धीरेंद्र है. उनकी शिकायत के अनुसार, अप्रैल महीने में उनके मोबाइल पर एक फोन आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बेंगलुरु साइबर सेल का अधिकारी बताया. उसने कहा कि धीरेंद्र के आधार कार्ड का दुरुपयोग करके कोई अवैध काम किया जा रहा है और उनके नाम से मोबाइल खरीदा गया है. इसके बाद ठगों ने कॉल को दूसरी-अन्य लोगों से जोड़ दिया. ये लोग खुद को पुलिस और सीबीआई के बड़े अधिकारी बताने लगे. उन्होंने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी.
कैसे ठगों ने बनाया निशाना?
ठग लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए उनसे बात करते रहे और उन्हें डराते रहे. 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक ठगों ने उन्हें लगातार परेशान किया. वे खुद को सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई से जुड़ा हुआ बताते हुए कहते रहे कि अगर आप हमारी बात नहीं मानेंगे तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा और आपकी सारी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी. डर के मारे बुजुर्ग इस झांसे में आ गए. ठगों ने उनसे बैंक खातों की पूरी जानकारी ली और पैसे ट्रांसफर करने को कहा. ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह सब ‘मनी ट्रेल वेरिफिकेशन’ के लिए हो रहा है. जांच पूरी होने के बाद सारा पैसा वापस कर दिया जाएगा. धीरेंद्र ने ठगों के कहने पर पहले 13 अप्रैल को 30 लाख रुपये और फिर 21 अप्रैल को 55 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. इस तरह कुल 85 लाख रुपये ठगों के पास चले गए.