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हज यात्रा के हवाई किराए में वृद्धि पर भड़के ओवैसी: कहा- यह फैसला सही नहीं, गरीब यात्रियों पर पड़ेगा भारी बोझ

हज यात्रा का हवाई किराया बढ़ने पर भड़के ओवैसी: बोले- 'यह फैसला उचित नहीं, गरीब जायरीनों पर पड़ेगा बोझ'

हज यात्रा के हवाई किराए में वृद्धि पर असदुद्दीन ओवैसी ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली। एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हज यात्रा के हवाई किराए में अचानक वृद्धि को अत्यंत अनुचित बताते हुए इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यह कदम गरीब और मध्यम वर्ग के हज यात्रियों के लिए भारी आर्थिक बोझ बनेगा।

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि हज कमेटी ने हज यात्रियों से ‘हवाई किराए में अंतर’ के नाम पर अतिरिक्त 10 हजार रुपए वसूलने का निर्णय लिया है। जबकि कुछ माह पूर्व मुंबई से हज के लिए जाने वाले प्रत्येक यात्री से 90,844 रुपए की राशि पहले ही ली जा चुकी है, जो मौजूदा सामान्य दरों से लगभग दोगुनी है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश हज यात्री आर्थिक दृष्टि से संपन्न नहीं होते हैं, बल्कि यह उनके लिए जीवन की एक साधारण आवश्यकता है, जिसे पूरा करने के लिए वे वर्षों तक धन संचय करते हैं। इस प्रकार की अनावश्यक वसूली को उन्होंने शोषण करार दिया।

ओवैसी ने केंद्र सरकार खासकर अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू से अपील की है कि इस सर्कुलर को तुरंत वापस लिया जाए और मजदूर तथा गरीब हज यात्रियों से वसूली गई अतिरिक्त राशि भी लौटाई जाए।

पृष्ठभूमि के रूप में, 28 अप्रैल को हज कमेटी ने एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बताया गया कि मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अस्थिर हालात के कारण हज के लिए हवाई चार्टर सेवाओं का किराया बढ़ाया गया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस घोषणा को मंजूरी दी है।

हज कमेटी ने कहा कि संशोधित किराए में प्रति तीर्थयात्री 100 अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि जोड़ी गई है, जिसे यात्री स्वयं वहन करेंगे। यह वृद्धि एयरलाइंस द्वारा ईंधन की बढ़ती लागत के चलते मांगी गई थी।

एयरलाइंस ने मिडिल ईस्ट में एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी के कारण बेस किराए में 400 अमेरिकी डॉलर तक की वृद्धि की मांग की थी। हज कमेटी के फैसले ने सभी प्रासंगिक पक्षों से परामर्श के बाद इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस बढ़ोतरी को स्वीकृति दी है।

हालांकि यह निर्णय यात्रियों की आर्थिक क्षमता और हज यात्रा के धार्मिक महत्व को नजरअंदाज करता प्रतीत होता है, जिस कारण राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस पर तीखी बहस हो रही है।

वर्तमान संकट के दौरान, हज यात्रियों की समस्याओं का संज्ञान लेकर उचित सुधारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा सभी संबंधित पक्षों से की जाती है ताकि इस धार्मिक अनुष्ठान को अधिक सुलभ एवं सम्मानजनक बनाया जा सके।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)