नोएडा में औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए पुलिस सेल की स्थापना: ‘नए यूपी’ की नई नीति का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 अप्रैल को इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ‘‘नए यूपी की कहानी’’ शीर्षक से एक कॉलम में राज्य को ‘‘सम्मान, अपनत्व और आशा’’ पुनः स्थापित करने की अपनी सरकार की दृष्टि साझा की। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा ‘‘सम्मान और अवसर की तलाश में घर छोड़ने के लिए मजबूर न हो’’। उनका मानना है कि ‘‘माइग्रेशन एक विकल्प होना चाहिए, मजबूरी नहीं।’’
मुख्यमंत्री ने जन विश्वास सिद्धांत नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शासकीय प्रणाली ‘‘संदेह की जगह साझेदारी’’ पर आधारित है, जो उनकी प्रशासन की मुख्य आधारशिला है। उसी दिन एक रिपोर्ट में बताया गया कि नोएडा स्थित फैक्ट्री श्रमिकों के पांच दिन तक चले विरोध के बाद गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने ‘‘उद्योग संबंधी’’ मामले देखने के लिए एक नया अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (डीसीपी) पद बनाया है। इस पद को एक सहायक पुलिस आयुक्त, तीन निरीक्षकों और 25 अन्य कर्मियों का सहारा मिलेगा।
आदित्यनाथ के कॉलम और पुलिस विभाग की यह नई घोषणा मिलकर ‘‘नए उत्तर प्रदेश’’ की नीति का वास्तविक दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हैं, जिन्हें एकत्रित रूप में देखना आवश्यक है।
भूले हुए श्रमिक
मुख्यमंत्री ने लिखा कि कभी युवाओं को अपनी जन्मभूमि छोड़नी पड़ती थी ‘‘मजबूरी के कारण, आकांक्षा के लिए नहीं’’, लेकिन नोएडा में जिन श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया वे वे ही होंगे जो या तो अपने क्षेत्र में रह गए या वापस लौटे। ये वे लोग हैं जिन्होंने औद्योगिक रोजगार में अपने भविष्य को दांव पर लगाया है।
पुलिस विभाग की इस नई व्यवस्था का मकसद औद्योगिक विवादों को शीघ्रता से सुलझाना है ताकि श्रमिकों के हकों की रक्षा हो सके और निवेशक भी संतुष्ट रहें। यह मॉडल ‘‘जन विश्वास सिद्धांत’’ के अनुरूप ‘‘साझेदारी’’ और ‘‘विश्वास’’ पर आधारित है, जो ‘‘संदेह’’ और ‘‘विरोध’’ की मानसिकता को प्रतिस्थापित करता है।
नोएडा में पांच दिन तक चले विरोध प्रदर्शन ने राज्य प्रशासन को गंभीरता से सोचने पर बाध्य कर दिया कि कैसे औद्योगिक तनाव को कम किया जाए और रोजगार स्थायी बनाया जाए। डीसीपी (इंडस्ट्रीज) की नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि सरकार श्रमिक वर्ग के मुद्दों को एक विशेष फोकस के साथ देखना चाहती है।
इस पहल के पीछे छुपा संदेश है कि ‘‘नए यूपी’’ में सभी वर्गों, विशेष रूप से श्रमिकों और औद्योगिक निवेशकों के हितों को संतुलित तरीके से समाहित किया जाएगा। इस प्रकार, यह कदम राज्य की आर्थिक प्रगति और सामाजिक सद्भाव दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अतः नोएडा पुलिस विभाग की यह नई टीम उद्योगिक विवादों में मध्यस्थता करने और समस्या का समाधान सुनिश्चित करने वाली एक पेशेवर और समर्पित इकाई के रूप में उभरेगी, जो ‘‘नए यूपी’’ की नवोन्मेषी प्रशासनिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।