बीटेक इंजीनियर से संदिग्ध गैंगस्टर: दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश से किया गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक असरदार और कुख्यात अपराधी ललित उर्फ मोदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन के मकोका मामले में वांछित था और दिल्ली में हथियारों से की गई कम से कम आठ लूट के मामलों में भी उसका नाम ‘घोषित अपराधी’ के रूप में दर्ज है।
आरोपी ने 2019 से गिरफ्तारी से बचते हुए लंबे समय तक व्यापक अपराध गतिविधियों को अंजाम दिया। उसके खिलाफ दर्ज अत्यंत गंभीर मामलों में अलीगढ़ की एक सनसनीखेज हत्या, कई हथियारों से की गई लूटें, और 2024 के एक संयुक्त पुलिस मुठभेड़ का भी उल्लेख शामिल है।
दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने एक विशेषज्ञ टीम का निर्माण किया, जो उसकी लोकेशन तथा अपराधी गतिविधियों पर लगातार नजर रखती रही। आरोपी की गतिशीलता और छिपने की रणनीतियों को देखते हुए टीम ने लंबी निगरानी के बाद उसकी गुप्त ठिकाने का पता लगाकर उसे अलीगढ़ में गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के पास बीटेक की डिग्री है और वह पहले एक ट्यूशन सेंटर संचालित करता था। 2015 से ही वह संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था जहाँ उसके नेतृत्व में एक गिरोह ने हाई रिस्क हथियारबंद डकैती, वाहनों की बरामदगी, और दिल्ली पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर अपराध किए।
बहुत बार आरोपी एवं उसका गिरोह दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बंदूक की नोक पर डकैती करते पाए गए। उसके ऊपर उत्तर प्रदेश के खैर पुलिस थाने में एक हत्या का दर्ज मामला भी है। उनकी पहली गिरफ्तारी 2015 में सनलाइट कॉलोनी, दिल्ली से हुई थी जब अवैध हथियारों और चोरी की स्कॉर्पियो सहित पकड़े गए थे। 2018 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से सक्रिय होकर अपराधों में संलिप्त हुआ।
2024 में मथुरा जिले के शेरगढ़ में पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी पुलिस के संयुक्त अभियान की मुठभेड़ में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी। इस घटना के बाद वह फरार हो गया और दिल्ली की विभिन्न अदालतों में आठ मामलों में ‘घोषित अपराधी’ घोषित किया गया। साथ ही स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन में भी आरोपी की तलाश थी।
गिरफ्तारी के बाद वर्तमान में आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे अभी और खुलासे होने की संभावना है। इस गिरफ्तारी से दिल्ली में हथियारबंद अपराधों की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है।