संजय कपूर परिवार की संपत्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का रास्ता चुना
नई दिल्ली: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट को लेकर चल रहे विवाद ने अदालत का ध्यान आकर्षित किया है। इस लंबे कानूनी मामले को जल्दी समाधान दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया है। अदालत ने कहा है कि परिवार के बीच बातचीत से ही इस विवाद का स्थायी समाधान संभव है।
सभी पक्षों ने मध्यस्थता प्रक्रिया को स्वीकारा
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान परिवार के सभी पक्षों ने मध्यस्थता की सहमति जताई। अदालत ने इसे सकारात्मक पहल बताया है, क्योंकि संपत्ति और विरासत से जुड़े मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकालना सर्वोत्तम माना जाता है। कोर्ट ने मामले में विवादित पक्षों को आदेश दिया है कि वे मीडिया और सोशल मीडिया में बयानबाजी से बचें। अगली सुनवाई अगस्त में होगी, जिसमें मध्यस्थता की प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
मूल विवाद: संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट का गठन
यह विवाद संजय कपूर के निधन के बाद परिवार की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट को लेकर शुरू हुआ। उनकी मां रानी कपूर ने ट्रस्ट को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनका आरोप है कि ट्रस्ट उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया और संपत्तियों को उनका नियंत्रण हासिल करने के लिए ट्रस्ट में ट्रांसफर किया गया। उन्होंने अदालत से परिवार की संपत्तियों पर रोक लगाने तथा यथास्थिति बनाए रखने का आग्रह किया।
रानी कपूर के आरोप और गंभीरताएं
रानी कपूर ने दावा किया है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का फायदा उठाकर उनसे दस्तावेज खाली हस्ताक्षर करवाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने दिवंगत बेटे संजय कपूर और बहू प्रिया कपूर ने इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई। रानी कपूर का यह भी कहना है कि वे डॉ. सुरिंदर कपूर की एकमात्र कानूनी उत्तराधिकारी हैं और 2017 में संपत्ति का नियंत्रण अवैध रूप से बदला गया।
प्रिया कपूर का खंडन
दूसरी ओर, प्रिया कपूर ने आरोपों को पूर्णतः निराधार बताया है। उन्होंने कहा है कि ट्रस्ट और संपत्ति से जुड़े सभी निर्णय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लिए गए। प्रिया ने केंद्रित किया कि कुछ परिवारिक सदस्यों द्वारा उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर गलत बयान दिए गए हैं। उन्होंने मानहानि के मुकदमे भी दायर किए हैं और विवाद के सार्वजनिक होने से परिवार की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचने की बात कही है।
करिश्मा कपूर और बच्चों का नाम भी विवाद में
इस विवाद में करिश्मा कपूर एवं उनके बच्चे समायरा और कियान कपूर का नाम भी सामने आया है। उन्होंने अपने उत्तराधिकार से जुड़े मामलों के लिए याचिका दाखिल की है। परिवार के कई सदस्य संपत्ति के अधिकारों के लिए अलग-अलग दावे कर रहे हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया था।
अंतिम नजर मध्यस्थता प्रक्रिया पर
पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की नियुक्ति से इस विवाद के समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्यस्थता सफल रही, तो लंबे समय से चली आ रही इस कानूनी लड़ाई को समाप्त किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अदालत का उद्देश्य केवल कानूनी फैसला नहीं, बल्कि परिवार के भीतर स्थायी समाधान निकालना है। अगली सुनवाई में मध्यस्थता की प्रगति का विवरण सामने आएगा।