महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए नॉर्वेजियन कंपनी के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए नॉर्वे की समुद्री प्रौद्योगिकी कंपनी हाईक AS के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे।
यह समझौता महाराष्ट्र मरिटाइम बोर्ड के सीईओ प्रदीप पी. और हाईक AS के चेयरमैन चार्ल्स पेम्ब्रोक बीयर्स के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मत्स्य व पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत प्रधान, प्रधान सलाहकार कौस्तुभ धावसे, नॉर्वेज के मानद कौंसुल जनरल मोनिका नैगलगार्ड और स्वीडन के कौंसुल जनरल स्वेन ऑस्टरबर्ग भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार मुंबई महानगरीय क्षेत्र की बढ़ती परिवहन आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक सतत एवं पर्यावरण के अनुकूल जल परिवहन प्रणाली विकसित करने में संलग्न है।
उन्होंने कहा कि मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना भारत में शहरी जल परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय साबित होगी और जलमार्गों के प्रभावी उपयोग से शहर के सड़क और रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार पिछले दशक से सतत जल परिवहन की अवधारणा पर कार्य कर रही है। मुंबई में जल आधारित परिवहन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना अब तैयार हो चुकी है, जिसके कारण आधुनिक और स्थायी जहाजों की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
फडणवीस ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में सतत जल परिवहन की मांग तेजी से बढ़ेगी और मुंबई का मॉडल अन्य शहरों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।
मंत्री नितेश राणे ने मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को महाराष्ट्र के समुद्री विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि हाईक AS जैसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्रौद्योगिकी कंपनी के साथ साझेदारी राज्य में बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण और समुद्री कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी।