ऐरोली-कताई नाका कॉरिडोर परियोजना का दूसरा चरण पूरा, यात्रा में होगी अनुकूलता
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीज़न डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) द्वारा संचालित ऐरोली-कताई नाका कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। यह परियोजना मुंबई क्षेत्र के यातायात को सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहले चरण में थाने-बेलापूर रोड से राष्ट्रीय राजमार्ग-4 तक का संबंध स्थापित किया जा चुका है, जबकि तीसरे चरण का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। यह तीन चरणों वाली परियोजना ऐरोली, मुंब्रा, और कताई नाका के बीच निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित करेगी, जिससे वर्तमान मार्गों पर भीड़ की समस्या और यात्रा दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस कॉरिडोर के माध्यम से नवी मुंबई, थाने, कल्याण, डोंबिवली, और बादलापुर के बीच संपर्क में सुधार होगा, जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए यात्रा में तेजी और सुविधा बढ़ेगी। एमएमआरडीए के आयुक्त संजय मुखर्जी के अनुसार, यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के भविष्य के लिए एक रणनीतिक निवेश है। उच्च गति वाली यह सड़क मुंबई महानगरीय क्षेत्र की आवाजाही को पूरी तरह से बदल देगी।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर और एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने बताया कि यह परियोजना थाने और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल सुरंग के घटक के कारण दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा और भी आसान और निर्बाध हो सकेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना की वजह से यात्रा समय में लगभग 35 से 40 मिनट की बचत होगी। पहले और दूसरे चरण के मार्ग मार्च अंत या वर्ष के अंत तक यातायात के लिए खुले जाने की संभावना है। यह परियोजना मुंबई मेट्रो क्षेत्र के यानि यात्रियों व औद्योगिक ट्रांसपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी।