• Sat. May 16th, 2026

नीट पेपर लीक पर माता प्रसाद पांडे बोले, अब तक शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था

नीट पेपर लीक पर माता प्रसाद पांडे बोले, अब तक शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था

नीट पेपर लीक पर विपक्ष का आक्रोश, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। नीट परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले ने फिर से एक बार शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस गंभीर घटना को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए केंद्र सरकार की सख्त आलोचना की है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा मंत्री को अब तक इस्तीफा दे देना चाहिए था। उन्होंने छात्रों की मेहनत को व्यर्थ जाने वाला बताते हुए कहा कि यह स्थिति चिंता का विषय है और जिम्मेदार अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए।

माता प्रसाद पांडेय ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और लाखों छात्रों का भविष्य अधर में है। परीक्षा रद्द होने और पुन: परीक्षा कराने से छात्रों में मानसिक दबाव बढ़ा है, जिससे कुछ आत्महत्या जैसी घटनाएं भी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मसले को गंभीरता से लेने की मांग की।

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने इस पूरे मामले को पिछले वर्षों में बनाए गए खराब सिस्टम का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 वर्षों में ऐसा माहौल बनाया गया है, जहां नियमो की अनदेखी की जाती है और उच्चस्तरीय अधिकारियों की जवाबदेही नहीं होती। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया और पहले पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई न होने को विफलता बताया।

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि लगभग सौ से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे छात्रों का भविष्य निराशा और अनिश्चितता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि इसे संवेदनशीलता से देखना और समाधान निकालना जरूरी है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस घटना के बाद नई परीक्षा तिथि की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा 21 जून को दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से नीट यूजी परीक्षा पारंपरिक ओएमआर आधारित प्रणाली की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा मोड में आयोजित होगी, जिससे परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी।

नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक होने की पुष्टि के कारण इसे रद्द कर पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस घटना ने शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ एक बार फिर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)