प्रमुख चौराहे संवरेंगे और रोटरी को नई पहचान मिलेगी। इसके लिए जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण काम करेंगे। डीएम मेधा रूपम ने इसके लिए पहल की है। प्राधिकरण के पैनल में शामिल आर्किटेक्ट की मदद से 6 से अधिक रोटरी को री-डिजाइन किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को डीएम कार्यालय में प्रजेंटेशन रखा गया है।
डीएम मेधा रूपम और प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस की रोटरी को संवारने के लिए आर्किटेक्ट नीलिमा शर्मा के साथ बैठक बुधवार को की। डीएम का कहना है कि शहर में कई प्रमुख सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। खासतौर पर सूरजपुर-कासना रोड और 130 मीटर रोड पर ऐसे कार्यालय मौजूद हैं। इन सरकारी कार्यालयों के आसपास सुंदरता बढ़ाने के लिए कुछ डिजाइन तय किए गए हैं। इनको अंतिम रूप देने के लिए आर्किटेक्ट को कहा गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भी इस काम में सहमति है जिससे तेजी से काम यहां शुरू हो सकेगा।
आर्किटेक्ट नीलिमा शर्मा का कहना है कि इन सरकारी कार्यालयों में बड़ी संख्या में नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अलावा आसपास के कस्बों और शहरों से अपने काम की जरूरत के लिए आते हैं। ग्रेटर नोएडा की एक नियोजित शहर की छवि के बीच रोटरी की खराब लैंडस्केपिंग उनके मन में बनी छवि को खराब कर देती है। ऐसे में डीएम और एसीईओ के निर्देश पर एक सर्वे भी हमारी टीम ने ग्रेटर नोएडा में किया। इसमें सूरजपुर कासना रोड पर डीएम आवास, कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, जिला पंचायत के आसपास की रोटरी को चुना गया है। 130 मीटर रोड पर रोजा रोटरी को भी संवारने का काम होगा। डिजाइन इस तरह के हों कि गौतमबुद्ध नगर की संस्कृति और पहचान उनमें शामिल हो, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा। भविष्य में इन रोटरी का रखरखाव कैसे होगा़? इस पर भी योजना बनाई जानी होगी।
ग्रेटर नोएडा: प्रमुख चौराहों पर लगाए जाएंगे स्कल्पचर

