• Fri. May 22nd, 2026

महाराष्ट्र में जल्द ही बनेगा भारत का पहला अंडरवाटर म्यूजियम

Byadmin

May 22, 2026 #-ins, #mtdc, #sasci, #source
Maharashtra To Soon Get First-Ever Underwater Museum

महाराष्ट्र में बनेगा देश का पहला अंडरवाटर म्यूजियम

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में समुद्री पर्यटन को नया आयाम देने के लिए एक अनूठा परियोजना शुरू होने जा रही है। मुंबई से लगभग 500 किलोमीटर दूर निवाती रॉक क्षेत्र के किनारे भारत का पहला अंडरवाटर म्यूजियम और पनडुब्बी पर्यटन स्थल स्थापित किया जाएगा।

महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) द्वारा यह पहल कोंकण क्षेत्र में साहसिक और समुद्री पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

19 मई को MTDC ने निवाती रॉक क्षेत्र में सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘एक्स-INS गुलदार’ को समुद्र के तल पर सफलतापूर्वक स्थापित किया। यह परियोजना मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के सहयोग से संचालित हो रही है और भारतीय पर्यटन क्षेत्र के लिए नया अवसर प्रदान करती है।

पर्यटन मंत्री शाम्भूराज देसाई के अनुसार, यह परियोजना एक वैश्विक समुद्री पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरेगी। इस नए स्थल पर यात्रियों को गाइडेड रेक डाइविंग, पनडुब्बी यात्रा, स्कूबा डाइविंग (12 मीटर तक), प्रमाणित डाइवर अभियान (18 मीटर तक), और उन्नत डाइविंग अनुभव (30 मीटर तक) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, जलमग्न फोटोग्राफी, समुद्री शिक्षा और अनुसंधान की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

MTDC के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जलक्रीड़ा स्लॉट, पनडुब्बी बुकिंग और अन्य पर्यटक सुविधाओं की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन में तीव्र गति से विकसित हो रही है। साथ ही, राज्य मंत्री इंद्रनील नायक, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव संजय खंडारे एवं MTDC के प्रबंध निदेशक निलेश गटने इस पहल को सुचारू रूप से लागू कर रहे हैं।

परियोजना को केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के “स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” (SASCI) योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। केंद्रीय सरकार ने इसके लिए 46.91 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र सरकार ने 112.46 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

‘एक्स-INS गुलदार’ भारतीय नौसेना का ‘मगर’ क्लास लैंडिंग शिप टैंक था, जो जनवरी 2024 में 39 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुआ। यह 83.9 मीटर लंबा युद्धपोत पोलैंड के गडिनिया शिपयार्ड में 30 दिसंबर 1985 को बनाया गया था। इसका उपयोग मुख्य रूप से समुद्री युद्ध संचालन, सेना व रसद परिवहन, तटीय सुरक्षा और नौसेना प्रशिक्षण मिशनों में किया जाता था।

यह परियोजना सिंधुदुर्ग समेत पूरे कोंकण तट के पर्यटन क्षेत्र में आर्थिक उछाल लाने में मदद करेगी। यहाँ आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय व्यवसाय, आवास, परिवहन, भोजन तथा अन्य पर्यटन सेवाओं का विकास होगा।

दीर्घकालिक दृष्टि से यह परियोजना स्थानीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सहायक व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगी।

एक्स-INS गुलदार परियोजना के साथ महाराष्ट्र में पहली बार विश्वस्तरीय पनडुब्बी पर्यटन अनुभव विकसित किया जा रहा है, जो साहसिक पर्यटन, स्कूबा डाइविंग, समुद्री अन्वेषण और टूरिज्म को एक नई पहचान देगा। इस पहल से महाराष्ट्र देश में एक प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा।

समुद्र तल पर स्थापित युद्धपोत अंततः एक कृत्रिम रीफ के रूप में विकसित होगा, जो मछलियों, समुद्री पौधों एवं सूक्ष्म जीवों के लिए संरक्षित आवास प्रदान करेगा और समुद्री जैव विविधता को बढ़ावा देगा।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)