राज ठाकरे समेत छह अन्य 2008 कल्याण रेलवे परीक्षा हमले के मामले में बरी
ठाणे जिले की एक अदालत ने 2008 में कल्याण रेलवे भर्ती परीक्षा के दौरान हुई हिंसा से संबंधित मामले में राज ठाकरे और छह अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया है। यह फैसला हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आया है।
यह मामला उस समय उत्तरी राज्यों के उम्मीदवारों पर हुए हमले से उत्पन्न हुआ था, जिन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा परीक्षा केंद्रों पर मारपीट का सामना किया था। उस समय यह घटना राजनीतिक रूप से काफी विवादास्पद बनी थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तों की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत प्रस्तुत नहीं किए। साथ ही, अदालत ने यह भी बताया कि मुकदमे के दौरान प्रस्तुत कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं थे।
प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि राज ठाकरे उस समय घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे और उनके भाषणों से हिंसा भड़काने के आरोप असत्य हैं।
मामले की लंबी सुनवाई के दौरान दो अभियुक्तों का निधन हो गया, जबकि शेष दोषियों को अदालत ने बरी कर दिया।
यह फैसला उस दौर की राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को समझने के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने महाराष्ट्र में जनसांख्यिकीय एवं सांस्कृतिक तनाव को जन्म दिया था।