दिल्ली में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी, तेल उत्पादों के दाम नए उच्च स्तर पर
दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें सोमवार को 102.12 रुपये प्रति लीटर के पार पहुँच गईं, जो पिछले दो सप्ताहों में चौथी बार वृद्धि का सूचक है। इस दौरान डीजल की कीमतें भी 95.20 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गईं। यह वृद्धि आम घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए लागत का बड़ा इजाफा कर सकती है।
पूरे देश में ईंधन की कीमतों में औसतन 2.8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की दर में 2.61 रुपये की वृद्धि देखी गई जबकि डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ। मुंबई में पेट्रोल के दाम 111.21 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए, वहीं डीजल की कीमत 97.83 रुपये है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जो प्रमुख चार मेट्रो शहरों में सर्वाधिक है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपये और डीजल की 99.55 रुपये प्रति लीटर रही।
15 मई के बाद जब मूल्य निर्धारण पुनः शुरू हुआ था, तब से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। चार वर्षों के मूल्य स्थिरीकरण के बाद दिल्ली और देशभर में इस प्रकार लगातार मूल्य वृद्धि का सिलसिला उपभोक्ताओं के बजट पर प्रभाव डाल रहा है।
राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा लगाए गए करों और वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ईंधन दरों में यह तेजी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि के प्रभाव से परिवहन, खेती और छोटे व्यापारों में लागत बढ़ेगी, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी संभावित है।
सरकार ने हाल के दिनों में करों को लेकर कोई राहत नहीं दी है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक महंगे ईंधन के दामों के साथ ही जीना पड़ रहा है। यह कदम मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की दृष्टि से चिंताजनक संकेत देता है।
फिलहाल, ईंधन की कीमतों में अभी और वृद्धि हो सकती है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं हैं और वैश्विक आर्थिक हालात के चलते उनके दाम प्रभावित होते रहते हैं। उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को जल्द इस विषय पर स्पष्टता की आवश्यकता है ताकि वे अपने दृष्टिकोण और योजना में सुधार कर सकें।