वजन घटाने की दवाओं के बंद होने पर वजन लौटने की संभावना
नई वजन घटाने वाली दवाओं जैसे वेगोवी और माउंटजारो ने मोटापे से जूझ रहे कई लोगों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाया है। ये दवाएं, जिन्हें सामान्यत: GLP-1 दवाओं के रूप में जाना जाता है, खाने के बाद शरीर में उत्पन्न हार्मोन की नकल करती हैं, जिससे भूख कम लगती है और व्यक्ति को लंबे समय तक तृप्ति महसूस होती है। माउंटजारो की सक्रिय सामग्री टिर्जेपाटाइड उस हार्मोन पर भी कार्य करती है जो भूख और रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायक होता है।
जब विश्वभर में एक अरब से अधिक लोग मोटापे से प्रभावित हैं, तब ये दवाएं मोटापे के उपचार में एक बड़ी प्रगति के रूप में देखी जाती हैं। लेकिन एक महत्वपूर्ण प्रश्न अब सामने आ रहा है: जब लोग इन दवाओं का सेवन बंद कर देते हैं, तब क्या होता है?
प्राप्त साक्ष्य एक चिंताजनक उत्तर की ओर इशारा करते हैं। कई लोगों ने जो वजन घटाया था, वे उसका एक बड़ा हिस्सा वापस पा लेते हैं। एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि वजन घटाने वाली दवाओं को बंद करने के बाद वजन और कुछ हृदय स्वास्थ्य के संकेतक पूर्व-उपचार स्तरों की ओर लौटने लगते हैं। इसी तरह के परिणाम सेमाग्लूटाइड और टिर्जेपाटाइड को बंद करने पर भी देखे गए हैं।
इसका जैविक पक्ष समझने योग्य है। ये दवाएं भूख को कम करने और तृप्ति की भावना बढ़ाने में मदद करती हैं। लोग इसे ‘खाने की शोर’ में कमी के रूप में वर्णित करते हैं, जिसका तात्पर्य खाने की इच्छा और क्रेविंग जैसी बाधित करने वाली सोच से है जो कम खाने में बाधा पैदा कर सकती है। जब इलाज बंद होता है, तो दवा के ये प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। भूख और cravings लौट सकती हैं, जिससे अधिक भोजन की संभावना बढ़ जाती है।