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नोएडा: उद्यमियों के आग्रह पर प्रशासन तैयार कर रहा सॉफ्टवेयर

शहर के उद्यमियों को अब अपने उद्योगों के बाहर आवश्यकता है के बैनर, पोस्टर टांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उद्यमियों को अपने कार्यालय में बैठकर ही इंटीग्रेटेड सॉफ्टेवयर के जरिए हर कर्मचारी की सारी जानकारी मिल सकेगी, जिससे कर्मचारियों का अनुभव, शैक्षणिक योग्यता और वह किस तरह के उद्योगों पर फिट बैठते हैं, ऐसे कर्मचारी आसानी से मिल सकेंगे।

लघु उद्योग भारती गौतमबुद्ध नगर के महासचिव संजय बत्रा ने बताया कि जिला प्रशासन से उद्यमियों संग बातचीत चल रही है। जहां एक इंटीग्रेटेड कर्मचारी डाटा आधारित सॉफ्टवेयर डेवलप करने पर बातचीत चल रही है। इस सॉफ्टवेयर में कर्मचारियों की हर एक जानकारी को फीड किया जाएगा। उनका डाटा संग्रहित करके रखा जा सकेगा, जिसकी पहुंच उद्यमियों और जिला प्रशासन दोनों के पास रहेगी। इस सॉफ्टवेयर में यह भी जानकारी दी जाएगी कि कर्मचारी कितना अनुभवी है, कितने साल किस तरह के उद्योगों में काम किया है, कितनी पढ़ाई लिखाई की है और क्या-क्या खूबी है। ऐसे में इन कर्मचारियों को जिन उद्यमियों को जरूरत होगी, वह उनसे या उनकी उद्योग मालिकों से सीधा संपर्क कर सकते हैं। इससे उद्यमियों को इधर उधर या उद्योग के गेट पर पोस्टर टांगने की झंझट खत्म हो जाएगी। उद्यमियों ने इसके लिए आपस में चर्चा करके कुछ सुझाव तैयार किए हैं, जो जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन इन सुझावों और बेहतर तकनीकी अधिकारियों से बातचीत करके ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है जो जल्द लॉन्च हो सकता है।

आपत्तियों पर भी विचार जारी
उद्यमियों का कहना है कि इस बीच कुछ आपत्तियां भी दर्ज की गई हैं, जिस पर विचार मंथन चल रहा है। उनका समाधान कैसे हो और सॉफ्टवेयर फ्री हो, सभी के लिए सहायक हो इस पर विचार मंथन जारी है। हालांकि अधिकतर लोग इसके पक्ष में हैं। बतादें कि जिलेभर में हर प्रकार के उद्योगों में करीब 18 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। इसमें सिर्फ नोएडा ही नहीं बल्कि दिल्ली, फरीदाबाद, गुरूग्राम और गाजियाबाद से आने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इनकी जानकारी आमतौर पर जिला उद्योग केंद्र व श्रम विभागों के पास रहती है लेकिन बारीकी से इनकी जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, न ही किसी अलग कैटेगरी में उन्हें उपस्थिति, वर्तमान की परिस्थितियां पता होती है, इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )