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हाईकोर्ट में केंद्र सरकार का दावा – दिल्ली जिमखाना क्लब पर कानून के अनुसार कब्जा किया जाएगा

हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा- कानून के हिसाब से दिल्ली जिमखाना क्लब पर लेंगे कब्जा

दिल्ली जिमखाना क्लब पर कब्जे को लेकर केंद्र सरकार व सदस्यों के बीच हाईकोर्ट में ईलाज

नई दिल्ली। दिल्ली जिमखाना क्लब के कब्जे को लेकर केंद्र सरकार और क्लब सदस्यों के बीच जारी विवाद ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में नई सुनवाई ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वह कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए ही क्लब पर कब्जा करेगी।

केंद्र सरकार ने इस मामले में अधिवक्ता तुषार मेहता के माध्यम से कोर्ट में बताया कि कानून के तहत क्लॉज़ 4 के अंतर्गत लीज़ से संबंधित प्रावधान हैं, जिनके तहत सरकार उचित मुआवजा देकर या वैकल्पिक जमीन देकर कब्जा ले सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना नियमों के उल्लंघन किए या प्रक्रिया के बिना क्लब को खाली नहीं कराया जाएगा।

दूसरी ओर, क्लब के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि केंद्र सरकार ने क्लब को इसकी मर्जी के बिना 5 जून तक हस्तांतरित करने का आदेश दिया है जबकि मामला पहले से ही राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में विचाराधीन है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि क्लब कमेटी को 15 नॉमिनेटेड सदस्यों के जरिए बदल दिया गया है और यह कार्रवाई बिना उचित प्रक्रिया के की गई है।

कोर्ट ने दोनों पक्षों से स्पष्ट जवाब मांगा कि विवाद का केंद्र बिंदु क्या है। केंद्र सरकार ने जोर दिया कि यदि क्लब स्वेच्छा से परिसरों को खाली नहीं करता है तो भी निष्कासन के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हाईकोर्ट ने सदस्यता के अधिकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जमीन के हस्तांतरण के बाद भी सदस्यों की सदस्यता बनी रहेगी और सरकार द्वारा वैकल्पिक जमीन का प्रस्ताव भी रखा गया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले भी कई बार विवाद और मुकदमेबाजी हुई है। लीज की शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई हुई थी, बाद में मामला कुछ समय के लिए सुलझा भी था। एनसीएलटी ने गवर्निंग बॉडी द्वारा क्लब के अनुचित प्रबंधन के आरोपों की सुनवाई करते हुए 15 सदस्यों की कमेटी नियुक्त की थी। अब केंद्र सरकार को अदालत ने आठ हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

दिल्ली जिमखाना क्लब, जो 1913 में स्थापित हुआ था, देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सामाजिक क्लबों में गिना जाता है। इसकी 27.3 एकड़ में फैली संपत्ति लुटियंस दिल्ली के सफदरजंग रोड पर स्थित है और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के निकट है। इस क्लब के सदस्यों में वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक, सैन्य अधिकारी और प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं। क्लब की वर्तमान भवन संरचना 1930 के दशक में विश्वविख्यात वास्तुकार रॉबर्ट टी. रसेल द्वारा डिजाइन की गई थी। वर्तमान में इसके लगभग 5,600 स्थायी सदस्य हैं, जिनके लिए सदस्यता की लंबी प्रतीक्षा सूची है।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)