असामान्य जनसांख्यिकीय परिवर्तन: केंद्र ने गठित की उच्च स्तरीय समिति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो जनसंख्या पैटर्न में हो रहे असामान्य परिवर्तनों का अध्ययन करेगी। इन परिवर्तनों के पीछे अवैध आप्रवासन और अन्य गैर-प्राकृतिक कारणों को बताया गया है, जो देश के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे। समिति में जनगणना आयुक्त, पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व पुलिस अनुसंधान विकास ब्यूरो अध्यक्ष बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री शमीका रवि जैसे विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं।
समिति का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों का विश्लेषण करना और समाधान प्रस्तुत करना है। अमित शाह ने कहा कि यह पैनल देश में जनसांख्यिकीय बदलावों के पैटर्न पर गंभीर रूप से नजर रखेगा और उपयुक्त कदम सुझाएगा।
भारत-अमेरिका खनिज सहयोग की रूपरेखा पर हस्ताक्षर
भारत और अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग का एक ढांचा घोषित किया है, जो चीन के दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर निर्यात नियंत्रण की चिंता के बीच एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह समझौता मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो द्वारा दिल्ली में हस्ताक्षरित किया गया। इसका उद्देश्य खनिजों के खनन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और संबंधित निवेशों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
ये खनिज उन्नत तकनीकी उत्पादों और सुरक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
इस समझौते के अलावा, मंगलवार को क्वाड्रिलेयट्रल सिक्योरिटी डायलॉग (QUAD) में भी क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक विषयों पर चर्चा हुई।
यह पहल भारत-यूएस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।