नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पर एक बार फिर छात्र और अभिभावकों की ओर से गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार मुख्य विवाद बोर्ड की ऑनलाइन स्कैनिंग मैनेजमेंट (OSM) प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ियों और उत्तर पुस्तिकाओं की गलत स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने को लेकर है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनकी English की कॉपी में कई पन्ने बदल दिए गए हैं, जिससे उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
CBSE की OSM प्रणाली में तकनीकी समस्याएं
छात्र बताते हैं कि स्कैन कॉपी देखने के लिए इस्तेमाल की जा रही OSM प्रणाली में कई तकनीकी खामियां हैं। लॉगिन करने और आवेदन करने में परेशानी आ रही है, जिससे समय पर वे अपनी स्कैन कॉपी तक पहुँच नहीं बना पा रहे हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई अभिभावक और छात्र सीधे CBSE के दिल्ली स्थित रीजनल ऑफिस पहुंचे और अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं। छात्रों ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग भी की है ताकि वे अपने उत्तर पुस्तकों की परिसर जांच कर सकें।
छात्र मोक्ष यादव का गंभीर आरोप
12वीं कक्षा के छात्र मोक्ष यादव ने CBSE पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक की स्कैन कॉपी में पहले पन्ने के बाद सारे पन्ने किसी अन्य छात्र की कॉपी के हैं। मोक्ष का दावा है कि इससे उनके अंक प्रभावित हुए हैं और यह केवल तकनीकी गलती नहीं बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से उनका भविष्य दांव पर लग गया है।
पहले भी आए हैं ऐसे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब CBSE के OSM सिस्टम पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं। इससे पूर्व भी अन्य छात्रों ने गलत उत्तर पुस्तिकाएं मिलने की शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें से कुछ मामलों में बोर्ड को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इन घटनाओं ने CBSE की परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लगाते हुए छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ाई है।
CBSE और शिक्षा मंत्रालय को कानूनी नोटिस
मोक्ष यादव के वकील एडवोकेट विनीत जिंदल ने CBSE और शिक्षा मंत्रालय को लीगल नोटिस भेजकर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। नोटिस में कहा गया है कि स्कैन कॉपी के दस्तावेजों में गलत पन्ने शामिल थे और हैन्डराइटिंग भी भिन्न थी। नोटिस में यह भी बताया गया कि एक छात्र ने ब्लैक पेन का इस्तेमाल किया था, जबकि मोक्ष ने अलग रंग का पेन प्रयोग किया था, जो स्पष्ट झांसा है।
गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
लीगल नोटिस में यह भी कहा गया कि CBSE की ओर से इस तरह की गड़बड़ी ने मोक्ष के शैक्षणिक भविष्य को खतरे में डाला है और इससे मानसिक तनाव उत्पन्न हुआ है। नोटिस में उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन और रिकॉर्ड सुरक्षा की मांग
नोटिस में CBSE से अनुरोध किया गया है कि मोक्ष यादव की सही उत्तर पुस्तिका तत्काल उपलब्ध कराई जाए और उसका निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन हो। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है जिससे आगे कोई छेड़छाड़ न हो सके। यदि दो दिनों के भीतर समाधान नहीं निकला तो इस मामले को अदालत तक ले जाने की चेतावनी दी गई है।
बढ़ता विवाद और बोर्ड की चुनौती
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने CBSE की विश्वसनीयता को चुनौती दी है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में तकनीकी खामियां और प्रशासनिक त्रुटियां छात्र जीवन को प्रभावित कर रही हैं। अब बोर्ड के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह इन आरोपों पर शीघ्र प्रतिक्रिया दे और स्थिति को नियंत्रित करे ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।