पटियाला हाउस कोर्ट ने 200 करोड़ की रंगदारी मामले में सुकेश चंद्रशेखर व अन्य 21 आरोपियों पर आरोप तय किए
नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 200 करोड़ रुपए की रंगदारी, धोखाधड़ी और संगठित अपराध से संबंधित मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉलोज सहित कुल 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला कथित तौर पर जेल के अंदर संचालित संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) के एडिशनल कमिश्नर रवि कुमार सिंह के अनुसार, मकोका के तहत आरोप तय होना इस जटिल मामले में एक महत्वपूर्ण जीत है जो जांच में मिली ठोस साक्ष्यों की पुष्टि करता है। पिछले चार वर्षों में इस मामले की जांच में लगे अधिकारी और कर्मचारी अथक प्रयास करते रहे हैं।
जांच में भारी मात्रा में रेकॉर्ड्स की गहन समीक्षा, वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल, गवाहों के ब्योरे, तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपियों की संगठित आपराधिक गतिविधियों को स्थापित करना शामिल था।
जांच टीम ने दोषियों की भूमिकाओं की शिनाख्त कर, अपराध साजिश के हर पहलू की विधिवत जांच सुनिश्चित की। इसके लिए पेशेवर दक्षता, समर्पण और निरंतरता की आवश्यकता थी।
महत्वपूर्ण सबूतों में गवाहों के बयान, मकोका के तहत दर्ज कबूलनामे, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वॉइस रिकॉर्डिंग, फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन बरामदगी, हवाला लेन-देन के संकेत और अपराध से कमाई गई लग्जरी संपत्तियाँ शामिल हैं।
आईओ-एसीपी वीरेंद्र कादियान और इंस्पेक्टर प्रदीप राय की पैरवी टीम ने ट्रायल और दिल्ली हाई कोर्ट में दृढ़ता से केस की पैरवी की। राज्य की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अखंड प्रताप सिंह ने सहयोग दिया। सभी आरोपी की जमानत याचिकाओं एवं आरोप तय करने की सुनवाई में टीम सक्रिय रही।
ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि वह संगठित आर्थिक अपराधों, जबरन वसूली और आपराधिक साजिशों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाए हुए है। इस जांच सफलता से अदालत में आरोप तय होना दिल्ली पुलिस के पेशेवर दृष्टिकोण और समर्पण का परिचायक है, जो अपराधियों के किसी भी प्रभाव या संसाधन के बावजूद संगठित अपराध को समाप्त करने के प्रति प्रतिबद्ध है।