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नोएडा: जिले के शिक्षक और अभिभावक द्वारका स्थित सीबीएसई मुख्यालय पहुंचे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से लागू किए गए तीन भाषाई फॉर्मूले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इधर, नए नियमों के चलते कई स्कूलों ने विदेशी भाषा के शिक्षकों को समायोजित करना भी शुरू कर दिया है। सोमवार को नीतियों और विद्यार्थियों के शैक्षिक विकल्पों से जुड़े मुद्दों पर जिले के शिक्षक और अभिभावक द्वारका स्थित सीबीएसई मुख्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने इस दौरान नियमों में बदलाव की मांग की।
नई व्यवस्था के अनुसार, नौवीं के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं जरूरी हैं। ऐसे में अब तक अंग्रेजी के साथ विदेशी भाषाएं पढ़ रहे विद्यार्थियों को नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीबीएसई के निर्देशों के बाद कई स्कूलों में विदेशी भाषाओं की जगह संस्कृत या अन्य भारतीय भाषाएं शामिल की जा रहीं हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी शैक्षिक पसंद से जुड़े विषयों का सवाल है। प्रतिभागियों ने सीबीएसई के अधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। नोएडा से शामिल हुए शिक्षकों ने बताया कि हमारे साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी शामिल हुए।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )