शहर की सफाई व्यवस्था में लगे सफाई कर्मचारियों के दो बड़े समूह सोमवार से हड़ताल पर चले गए। इस वजह से घरों से कचरा नहीं उठा। हालांकि दोनों गुटों के नेताओं से प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बातचीत की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब अगर हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होना तय है।
हड़ताल पर गए कर्मचारियों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगे करीब 1100 कर्मचारी और 2.5 प्रतिशत ठेकेदारी व्यवस्था के तहत लगे सफाई कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल में शामिल अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के नगर अध्यक्ष साधू मकवाना ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने पूर्व में 1500 रुपये वेतन बढ़ाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका। अधिकारी संतोषजनक जवाब भी नहीं देते। दूसरी तरफ मंहगाई लगातार बढ़ रही है। संघ ने कहा मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी सेक्टर-8 में एजेंसी के यार्ड में जुटे और प्रदर्शन किया।
वहीं 2.5 प्रतिशत ठेकेदारी व्यवस्था से सफाई के विभिन्न कामों में लगे सफाई कर्मचारियों ने स्वास्थ्य बीमा धनराशि का वेतन से कटौती का विरोध किया। एमसीडी स्वच्छता कर्मचारी यूनियन के बैनर के तले हुए प्रदर्शन के दौरान एनसीआर अध्यक्ष नरेश राणा ने बताया कि सफाई कर्मचारी 20 हजार रुपये वेतन होने के चलते ईएसआईसी सुविधा के बाहर हो गए। फिर कर्मचारियों की मांग पर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा का ऐलान प्राधिकरण के अधिकारियों ने किया। अब उसके लिए कर्मचारियों के वेतन से ही प्रति महीने 1 हजार और कुल 5 हजार रुपये कटौती की बात कही जा रही है। कर्मचारी पहले से मंहगाई से परेशान हैं। तेल-साबुन के पैसे 10-12 साल से नहीं बढ़े हैं। जूतों के पैसे भी कम दिए जा रहे हैं। बारिश के रेनकोट के पैसे भी नहीं मिले हैं। दावा किया कि हड़ताल में ठेकेदारी व्यवस्था के सभी 4800 कर्मचारी शामिल होंगे।
नोएडा: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुरू

