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नोएडा: बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी, एसीईओ सतीश पाल के विरुद्ध की नारेबाजी

10 फीसदी भूखंड आबादी के निस्तारण, हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने और पांच फीसदी भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं के विरोध में बृहस्पतिवार को किसानों ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। अधिकारियोंं के आश्वासन के बाद शुक्रवार को सीईओ के साथ वार्ता करने पर सहमति बनने पर धरना समाप्त किया गया।
भारतीय किसान परिषद के बैनर तले किसानों ने नोएडा प्राधिकरण का घेराव किया। बड़ी संख्या में किसान हरौला बारात घर से जुलूस निकालकर सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि नियोजन विभाग किसानों के लंबित मामलों का निस्तारण करने के बजाय चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने में जुटा है। जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। किसानों को उनके अधिकारों के तहत मिलने वाले 10 फीसदी भूखंडों का निस्तारण अब तक नहीं किया गया है और हाई पावर कमेटी की सिफारिशें भी लागू नहीं की गई हैं। किसानों ने 10 फीसदी आबादी भूखंडों के लंबित मामलों और पांच फीसदी भूखंडों के आवंटन में पारदर्शिता की मांग उठाई।
प्राधिकरण की ओर से ओएसडी क्रांति शेखर और इंदु प्रकाश किसानों से वार्ता के लिए पहुंचे। उन्होंने एसीईओ सतीश पाल के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया लेकिन किसानों ने मना कर दिया। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण ही भूखंडों के मामलों का निस्तारण लंबित है। बाद में अधिकारियों ने शुक्रवार शाम चार बजे सीईओ कृष्णा करुणेश के साथ वार्ता कराने का प्रस्ताव रखा, जिसपर किसान सहमत हुए।
पुलिस के साथ हुई नोकझोंक
धरना देने पहुंचे किसान टैंट लेकर मौके पर पहुंचे। कार्यालय के गेट के बाहर किसानों ने सड़क पर टैंट लगाने की योजना बनाई थी। गड्ढा भी कर लिया गया। तैनात पुलिस अधिकारियों ने रोकने का प्रयास किया। जिससे दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई। प्राधिकरण कार्यालय के सभी गेटों को बंद कर दिया गया। काम के लिए पहुंचे लोगों को भी प्रवेश करने में दिक्कतें आईं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )