दिल्ली में मानसून से पहले जलभराव रोकने को तैयारियाँ पूरी, मंत्री प्रवेश वर्मा का औचक निरीक्षण
नई दिल्ली। मानसून के आगमन से पहले दिल्ली सरकार द्वारा शहर के जलभराव से बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा के तहत मंत्री प्रवेश वर्मा ने मोतीनगर विधानसभा के जखीरा अंडरपास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और असुविधा से बचाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जलभराव को लेकर निकाले गए संकट प्रबंधन के तंत्रों की समीक्षा करते हुए मंत्री वर्मा ने अधिकारियों को सतत निगरानी और शीघ्र कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में जलभराव की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग तथा जल बोर्ड ने सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे इस बार स्थिति नियंत्रित रहने की उम्मीद है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव रोकने के लिए मुहैया कराई गई सभी संसाधनों एवं उपकरणों की जांच पूरे शहर में की जा चुकी है। मंत्री का कहना था कि दिल्लीवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने जल निकासी संरचनाओं के निरीक्षण के दौरान सुनिश्चित किया कि पंपिंग स्टेशन और नालों की सफाई समय पर हो और निर्माणाधीन परियोजनाएं निर्धारित समय में पूर्ण हो जाएं।
इसके अतिरिक्त मंत्री प्रवेश वर्मा ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ नेहरू पार्क स्थित वाल्मीकि मंदिर में वृक्षारोपण का आयोजन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण एवं मातृ सम्मान का प्रेरक प्रयास बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता और जल संरक्षण क्षेत्रों में प्राप्त प्रगति पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार भी अपने स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों में जल निकासी प्रणालियों को दुरुस्त कर रही है ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या न्यूनतम रहे।
प्रवेश वर्मा ने सभी नागरिकों से भी पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार की तैयारियाँ एक जवाबदेह प्रशासन की प्रतिबद्धता का परिचायक हैं और आने वाले मानसून में दिल्लीवासियों को सहूलियत प्रदान करेंगी। मंत्री के निरीक्षण से यह सुनिश्चित होता है कि जलभराव निवारण के लिए सभी आवश्यक कदम उचित समय पर उठाए जा रहे हैं।