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अरण्य संरक्षण के लिए राज्य ग्रीन बॉन्ड्स का अन्वेषण कर रहा है

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Jun 6, 2026 #source
State Explores Green Bonds for Forest Conservation Funding

वन संरक्षण के लिए ग्रीन बॉन्ड्स: महाराष्ट्र की नई वित्तीय पहल

महाराष्ट्र वन विभाग संरक्षण, वनीकरण और वन कर्मियों की भलाई के लिए एक नए वित्तीय मॉडल पर विचार कर रहा है। ग्रीन बॉन्ड्स और कार्बन क्रेडिट्स को ऐसे उपकरण के रूप में देखा जा रहा है जो उपलब्ध धन और विभाग की बढ़ती जरूरतों के बीच की खाई को पाट सके।

यह प्रस्ताव वन मंत्री गणेश नाइक ने संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय साधन से जुटाई गई राशि का उपयोग वन संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास, वृक्षारोपण अभियानों और कर्मचारियों की भलाई के लिए किया जाएगा। ग्रीन बॉन्ड्स पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं को धन जुटाने का अवसर प्रदान करेंगे जबकि कार्बन क्रेडिट उन गतिविधियों से उत्पन्न होंगे जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम या अवशोषित करती हैं।

यह पहल अभी प्रारंभिक चरण में है। वन से संबंधित संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है और महाराष्ट्र वन विकास निगम को इसका नोडल एजेंसी बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में बैंकर्स और वित्तीय सलाहकारों की नियुक्ति भी संभव है। प्रस्तावित 300 करोड़ वृक्षारोपण सहित बड़े पैमाने पर योजना हेतु पर्याप्त धन की आवश्यकता होगी।

इस वित्तीय योजना के साथ ही वनरक्षक के लिए नए लाभों की घोषणा भी की गई। बेहतर आवास, उन्नत कार्यालय, सैटेलाइट इमेजरी टेक्नोलॉजी और मजबूत फील्ड संसाधन प्रदान किए जाने की उम्मीद है। भांडुप के खिंदीपाड़ा में वन अधिकारियों के लिए 7 करोड़ रुपये की आवासीय परिसर का शुभारंभ भी किया गया।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए प्रस्तावित 750 करोड़ रुपये के विकास योजना को भी उजागर किया गया। बेहतर पार्किंग, प्रतीक्षा क्षेत्र, पुस्तकालय और पर्यटक सुविधाओं से आगंतुक अनुभव में सुधार होगा।

मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। पीड़ित प्रजातियों को वन के अंदर रखने के लिए फलदार वृक्ष लगाए जाने संभावनाएं हैं, जिससे बाघ और तेंदुए निकटवर्ती आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश करना कम होगा।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)