दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधी को धराया, मॉर्फ्ड तस्वीरों से ब्लैकमेलिंग करने का आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर थाना उत्तर जिला टीम ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो एआई तकनीक का उपयोग कर महिलाओं की मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाकर ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग करता था। आरोपी महिलाओं को आपत्तिजनक छवियां दिखाकर पैसे देने के लिए मजबूर करता था।
मल्कागंज की 19 वर्षीय युवती ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर मॉर्फ्ड तस्वीर भेजकर 30,000 रुपये की मांग की। आरोपी ने ‘लक्ष्य गर्ग’ नाम के स्नैपचैट अकाउंट से संपर्क किया और धमकी दी। पीड़िता के परिवार ने डर के कारण QR कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर दिए।
फरवरी 2026 में आरोपी ने पुन: अतिरिक्त राशि की मांग शुरू की। पीड़िता ने साइबर कैफे से 10,000 रुपये भेजे, लेकिन आरोपी की मांगें बंद नहीं हुईं और उसने अन्य युवतियों के संपर्क विवरण भी देने को कहा। दबाव और धमकियों से तंग आ चुकी पीड़िता ने फिर पुलिस की मदद ली।
डीसीपी नॉर्थ के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी जांच कर 4 जून 2026 को भलस्वा डेयरी इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी की पहचान सौरव (30 वर्ष) के रूप में हुई, जो एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है।
पुलिस के अनुसार सौरव सोशल मीडिया पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों से संपर्क करता था। फिर वह उनकी मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें तैयार करने के लिए वीडियो वेरिफिकेशन कॉल का उपयोग करता था। इसके बाद इन तस्वीरों से ब्लैकमेलिंग कर आर्थिक लाभ उठाता था।
जांच में पता चला कि आरोपी सौरव के खिलाफ वर्ष 2022 और 2023 में भी यौन उत्पीड़न और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और जांच में उपयोग हुआ वाईफाई राउटर बरामद किए हैं। मामले की गहन जांच जारी है।