भारत की एकता की मिसाल है विविधता, राज्यों के आधार पर विभाजन अनुचित: आनंद दुबे
नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिसीमन और राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि भारत को राज्यों के आधार पर बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी गठबंधन में समन्वय बढ़ाने के लिए कांग्रेस को भी सुझाव दिया है।
दुबे ने रेवंत रेड्डी के बयान पर कहा कि भारत विविधताओं का संगम और एकता का प्रतीक है। उन्होंने भारत को एक खूबसूरत गुलदस्ते के समान बताया जिसके हर हिस्से की अपनी अनूठी पहचान है, लेकिन वे सभी मिलकर देश की अखंडता का परिचय देते हैं। ऐसे में राज्य या क्षेत्रीय आधार पर विभाजन की सोच सही नहीं है।
परिसीमन बिल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहुमत है, इसलिए वह विधेयक पारित कराने में सक्षम है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगा। विपक्ष सरकार से पूर्ण पारदर्शिता और विस्तृत चर्चा की मांग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को परिसीमन का पूर्ण मसौदा सभी दलों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए ताकि उसका व्यापक मूल्यांकन हो सके। यदि यह देशहित में होता है तो विपक्ष भी उसे समर्थन देने पर विचार करेगा।
इंडिया अलाइंस में कांग्रेस की भूमिका पर उन्होंने कहा कि गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और उसे सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), आम आदमी पार्टी और अन्य दलों के असंतोष को दूर करने के लिए संवाद की गुंजाइश बढ़ाने का सुझाव दिया।
डीएमके के इंडिया अलाइंस की बैठक से दूरी बनाए रखने और झारखंड मुक्ति मोर्चा की भागीदारी पर उठे सवालों के जवाब में दुबे ने गठबंधन को एक परिवार बताया और कहा कि किसी भी परिवार में मतभेद स्वाभाविक हैं। लोकतंत्र में विभिन्न विचार और असहमति के लिए स्थान होना आवश्यक है, जो गठबंधन को मजबूत भी बनाता है।