गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने पिछले छह माह के दौरान मानव तस्करी, बाल श्रम और अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। 1 दिसंबर 2025 से 15 जून 2026 तक की अवधि में यूनिट ने 179 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया, 65 महिलाओं और बच्चों को आश्रय गृहों से उनके परिजनों से मिलाया और भीख मांगने वाले 14 बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया।
एएचटीयू के प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल तिवारी ने बताया कि जिन 65 लोगों को आश्रय गृहों से परिजनों के सुपुर्द किया गया, उनमें 28 महिलाएं, 34 बालिकाएं और तीन बालक शामिल हैं। इसी अवधि में बाल श्रम के खिलाफ अभियान के दौरान 179 बच्चों को विभिन्न स्थानों से मुक्त कराया गया। इनमें 128 बच्चे होटल, ढाबों और स्वीट कॉर्नर पर कार्य करते मिले, जबकि 49 बच्चे मैकेनिक, हेल्पर और मजदूरी जैसे काम में लगे हुए थे। दो बच्चे घरेलू कामकाज करते हुए मिले। उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले 14 बच्चों को भी चिन्हित कर उनके परिवारों के सुपुर्द किया गया। इनमें नौ बालिकाएं और पांच बालक शामिल हैं।
अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई के तहत सेक्टर-49 थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में 17 महिलाओं को मुक्त कराया गया था। तीन अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ भी जांच जारी है। मानव तस्करी से जुड़े एक मामले में बिसरख थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में एक नवजात बालिका को बरामद किया गया था, लेकिन उसके माता-पिता की जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है।
एएचटीयू की छह माह की प्रमुख उपलब्धियां
– 65 महिलाएं और बच्चों को परिजनों से मिलाया
– 179 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त
– 14 भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों का पुनर्वास
– अनैतिक देह व्यापार के मामले में 17 महिलाओं को मुक्त कराया
– मानव तस्करी के एक मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
– गुमशुदा बच्चों के 23 मामलों की जांच एएचटीयू को सौंपी गई

